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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने महाभियोग पर शुरू किया सलाह-मशविरा, कानूनी जानकारों से की बात

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 April 2018, 9:43 IST

शुक्रवार को कांग्रेस सहित 7 विपक्षी दलों ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ कदाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए नोटिस दिया था. खबर है कि सभापति वेंकैया नायडू ने महाभियोग नोटिस पर बातचीत की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस पर रविवार को उन्होंने अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल सहित संविधानविदों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया.

खबर के अनुसार नायडू ने याचिका को स्वीकारने अथवा ठुकराने को लेकर संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप, पूर्व विधि सचिव पी.के. मल्होत्रा सहित अन्य विशेषज्ञों से कानूनी राय ली. माना जा रहा है कि नायडू जल्द ही इस पर फैसला ले सकते हैं.

 

दरअसल, वेंकैया नायडू को हैदराबाद के दौरे पर जाने था ल़ेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने हैदराबाद के अपने दौरे को रद्द कर दिया है. इसके बाद उन्होंने कानूनविदों के साथ बैठक की. राज्यसभा सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने राज्यसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी विचार-विमर्श किया और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी से भी बात की.

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप, पूर्व विधि सचिव मल्होत्रा और विधायी मामलों के पूर्व सचिव संजय सिंह से नायडू ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया. नायडू अगर इस नोटिस को स्वीकार करते हैं तो प्रक्रिया के नियमों के अनुसार विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के लिए उन्हें न्यायविदों की 3 सदस्यों की एक समिति का गठन करना होगा.

बता दें कि राज्यसभा के सभापति को नोटिस सौंपने के बाद विपक्षी दलों ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया था. इसको लेकर नोटिस की समीक्षा करते हुए राज्यसभा के अधिकारियों ने जिक्र किया कि सभापति की ओर से नोटिस को स्वीकार करने से पहले इसे सार्वजनिक करना संसदीय नियमों का उल्लंघन है. प्रावधानों के मुताबिक सदन में रखे जाने वाले नोटिस को सभापति द्वारा स्वीकार करने से पहले इसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए.

First published: 23 April 2018, 9:43 IST
 
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