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    Home » India » Import of mobile phones without panic button is valid till 28th Feb 2017: Government decided deadline
     

    1 मार्च से हर मोबाइल में जरूरी हो सकता है पैनिक बटन

    panic-button

    भारत सरकार केवल 28 फरवरी 2017 तक ही बिना पैनिक बटन या इमरजेंसी कॉलिंग फीचर वाले मोबाइल फोनों के आयात की अनुमति देगी. हालांकि इस घोषणा से मोबाइल निर्माताओं को कुछ राहत तो जरूर मिलेगी, लेकिन फिर भी उन्हें इस समयसीमा के बाद अपने फोनों में इस फीचर को जोड़ना ही पड़ेगा. इस रिपोर्ट की मानें तो 1 मार्च से हर मोबाइल में पैनिक बटन जरूरी हो सकता है.

    डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशंस द्वारा जारी कार्यालय अधिसूचना के मुताबिक, "सक्षम प्राधिकारियों द्वारा यह फैसला लिया गया है कि 'पैनिक बटन एंड ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम फैसेलिटी इन ऑल मोबाइल फोन हैंडसेट्स रूल्स 2016' के मुताबिक बिना पैनिक बटन/इमरजेंसी कॉल बटन फीचर वाले मोबाइल फोनों का आयात केवल 28 फरवरी 2017 तक ही किए जाने की अनुमति है और यह नियम 1 जनवरी 2017 से लागू हो गया है."

    जनवरी 2017 से हर मोबाइल में होगा पैनिक बटन

    अप्रैल 2016 में सरकार ने यह आदेश जारी कर दिया था कि 1 जनवरी 2017 से देश में सभी नए मोबाइल फोन पैनिक बटन के साथ ही बिकेंगे. पैनिक बटन का मतलब एक ऐसा बटन था जिसे दबाने पर सिंगल इमरजेंसी नंबर 112 पर सीधा संपर्क हो सके. हालांकि तमाम कारणों के चलते इस समयसीमा पर सरकार यह नियम लागू नहीं कर सकी.

    सभी मोबाइल निर्माताओं के लिए यह अनिवार्य कर दिया था कि वे 1 जनवरी 2017 से बिकने वाले अपने नए फोनों में पैनिक बटन जरूर देंगे जिससे मोबाइल की लोकेशन जीपीएस आधाररित सैटेलाइट से पहचानी जा सके. गौरतलब है कि सरकार ने यह आदेश राजधानी में हुए निर्भया गैंगरेप कांड के बाद लिया था.

    नए साल से नेशनल हेल्पलाइन नंबर 112 पर करें इमरजेंसी कॉल

    वैसे भी पैनिक बटन फीचर से लैस मोबाइल फोन वक्त की जरूरत बन चुका है. सरकार की इस पहल का प्रमुख लक्ष्य मुसीबत में फंसे व्यक्ति की लोकेशन की पहचान करके कम से कम वक्त में उसे सहायता

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