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छत्तीसगढ़: पत्रकार सोमारू नाग बस्तर कोर्ट से बरी, कठघरे में पुलिस

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 July 2016, 15:25 IST
(पत्रिका)

छत्तीसगढ के बस्तर जिले के सेशंस कोर्ट ने पत्रकार सोमारू राम नाग के साथ अन्य दो अभियुक्तों को नक्सलियों के साथ छोटे कड़मा के क्रशर प्लांट में आगजनी और लूटपाट करने के आरोप से दोषमुक्त करते हुए बाइज्जत बरी कर दिया.

कोर्ट के इस फैसले के साथ ही बस्तर पुलिस एक बार फिर कठघरे में है. इलाके में कई बार बेकसूर पत्रकारों को निशाना बनाने के आरोप पहले भी पुलिस पर लग चुके हैं.

बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने बताया कि बस्तर पुलिस ने दरभा के पत्रकार सोमारू राम नाग सहित दो अन्य आरोपी दशमन और रामलाल को 19 जुलाई 2015 को गिरफ्तार किया था.

उन पर 25 जून 2015 को कोडनार थाना क्षेत्र के छोटे कड़मा के बाबूभाई के क्रशर प्लांट में हुई आगजनी और लूटपाट के मामले में आरोप लगाए गए थे. गिरफ्तारी के बाद उन्हें जगदलपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया था.

वकील चौधरी ने बताया कि मामले की सुनवाई करते हुए सेशंस कोर्ट के जज निरंजनलाल चौहान ने पाया कि अभियोजन पक्ष सोमारू नाग सहित आरोपियों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका है. कोर्ट ने कहा कि पुलिस के आईओ (जांच अधिकारी) के बयान के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है.

कोर्ट ने पत्रकार सोमारू नाग पर पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप को खारिज करते हुए 36 पन्नों का फैसला सुनाया. जिसमें कोर्ट ने कहा है कि पुलिस ने जो भी गवाह और साक्ष्य पेश किए हैं, उनसे सोमारू नाग पर कोई भी दोष प्रमाणित नहीं होता है, इसलिए कोर्ट सोमारू को दोषमुक्त मानते हुए बरी करती है.

पुलिस ने जिस हिड़मा नाम के ग्रामीण को इस मामले का गवाह बनाकर पेश किया था, उसने परीक्षण के दौरान अदालत में कबूल किया कि वह पुलिस का गोपनीय सैनिक रहा है और फिलहाल वह नगर सैनिक के तौर पर सेवा दे रहा है.

जगदलपुर सेंट्रल जेल में बंद सोमारू नाग पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 395, 506, 342, 435, 120 बी और 25, 26 लगाई थीं.

First published: 22 July 2016, 15:25 IST
 
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