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गजेंद्र चौहान एफटीआईआई में नए छात्रों से लेंगे शालीनता का शपथपत्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 July 2016, 13:17 IST

पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) की गवर्निंग काउंसिल ने संस्थान में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए कुछ नए कानून पारित किए हैं.

गवर्निंग काउंसिल ने नए छात्रों को प्रवेश के समय हलफनामा देने की बात कही है, जिसमें यह उल्लिखित है, "मैं हॉस्टल और स्टाफ आवासीय क्षेत्रों समेत कैंपस में मर्यादा और शालीनता बनाए रखने से सहमत हूं और किसी भी परिस्थिति में फैकल्टी, स्टाफ और वरिष्ठों से अभद्रता नहीं करूंगा/करूंगी."

बताया जा रहा है कि छात्रों को 100 रुपये के स्टांप पेपर के साथ पांच हलफनामे देने होंगे. इसी क्रम में दिया जाने वाला एक अन्य हलफनामा इस तरह होगा, "मैं समझता हूं कि किसी नियम के उल्लंघन करने पर मुझे समुचित दंड देने का संस्थान के पास पूरा अधिकार है."

इसके साथ ही काउंसिल संस्थान में एक निरीक्षक की नियुक्ति भी करने जा रही है, जिसे किसी भी छात्रों को दंड देने का पूरा अधिकार होगा, यानी वो चाहे तो दंड के तौर पर छात्रों को संस्थान से निकाल भी सकता है.

इस मामले में एफटीआईआई छात्रसंघ के प्रवक्ता ने कहा, "हम संस्थान के इस तरह की किसी भी प्रक्रिया से कतई सहमत नहीं हैं. संस्थान ने नये छात्रों के मन में भय उत्पन्न करने के लिए ऐसा कदम उठाया है. वे चाहते हैं कि छात्र उनके अधीन हों और कोई सवाल न उठाएं."

इस मामले में संस्थान के एक वरिष्ठ छात्र ने कहा कि एफटीआईआई के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब नए छात्रों से इस तरह का हलफनामा लिए जाने की तैयारी हो रही है.

गौरतलब है कि पिछले साल एफटीआईआई कैंपस में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों का लंबा दौर चला था. इसी के मद्देनजर संस्थान ने प्रवेश लेने वाले सभी नये छात्रों को ‘जनरल कंडक्ट (आचरण संबंधित)‘ से जुड़े हलफनामे जमा करना अनिवार्य कर दिया है.

इस मुद्दे पर गवर्निंग काउंसिल का कहना है कि इससे कैंपस में मर्यादा, शालीनता और अनुशासन का उल्लंघन और फैकल्टी मेंबर्स के साथ अभद्र व्यवहार करने से छात्रों को रोका जा सकेगा.

नए हलफनामे के बारे में संस्थान के चेयरमैन गजेंद्र चौहान और निदेशक भूपेंद्र कैंथोला से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों ही इस मामले में कुछ कहने के लिए उपलब्ध नहीं थे.

First published: 21 July 2016, 13:17 IST
 
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