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निजी क्षेत्र की महिला कर्मचारियों को जल्द 26 हफ्ते का मातृत्व अवकाश!

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST
(एजेंसी)

श्रम मंत्रालय आगामी संसद सत्र में एक विधेयक लाने की तैयारी कर रहा है, जिसके पास होने के बाद निजी क्षेत्रों सहित सभी प्रतिष्ठानों को अपने यहां कार्यरत महिला कर्मचारियों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देना होगा.

यह जानकारी श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने दी. मालूम हो कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए 26 सप्ताह या छह महीने के मातृत्व अवकाश का प्रावधान पहले ही लागू है.

वहीं निजी क्षेत्र की कंपनियां अपने महिला कर्मचारियों को अधिकतम तीन महीने के मातृत्व अवकाश की पेशकश करती हैं, इसके अलावा छोटे संस्थानों में महिला कर्मचारियों को इस तरह के लाभ भी नहीं दिए जाते.

श्रम मंत्री ने कहा कि नए मातृत्व लाभ विधेयक में मातृत्व अवकाश को मौजूदा 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह करने का प्रस्ताव है और केंद्रीय मंत्रिमंडल इस पर मंजूरी के लिए शीघ्र ही विचार करेगा.

बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि मंत्रालय इस विधेयक को संसद के मानसून सत्र में पारित करवाने का पूरा प्रयास करेगा.

हालांकि श्रम मंत्री कामकाजी माताओं को घर से काम करने का विकल्प उपलब्ध कराने को अनिवार्य बनाने को एक तरह से खारिज करते नजर आए.

दत्तात्रेय ने कहा कि कुछ प्रतिष्ठान हैं. जहां उन्हें घर से काम करने की अनुमति मिल सकती है, लेकिन अन्य प्रतिष्ठानों में उन्हें इस कानून में संशोधन के बाद 26 सप्ताह मातृत्व अवकाश की सुविधा मिल सकेगी.

जब उनसे पूछा गया कि उनका मंत्रालय पिताओं के लिए पितृत्व लाभ और अन्य लाभों के बारे में क्या-क्या योजना बना रहा है.

इस सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं. जो विधेयक हम लाने जा रहे हैं वो केवल माताओं और उनके बच्चों के बारे में है. पुरुषों के लिए नहीं.

First published: 2 July 2016, 11:19 IST
 
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