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पाटीदार आंदोलन को झटका, हार्दिक पर समिति के ही सदस्यों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(कैच)

गुजरात में चल रहे पाटीदार आंदोलन को उस समय बड़ा झटका लगा, जब सोमवार को आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल पर उनके दो पूर्व सहयोगियों ने आंदोलन शुरू करने के एक साल के भीतर करोड़पति बन जाने का आरोप लगाया.

वहीं दूसरी ओर मंगलवार को हार्दिक पटेल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था. इतना ही नहीं एक अन्य सहयोगी ने हार्दिक पटेल को पत्र लिखकर दावा किया है कि आरोप लगाने वाले उन दोनों नेताओं में से एक के संबंध बीजेपी से हैं.

'आंदोलन की आड़ में करोड़ों कमाए'

खबरों के मुताबिक सोमवार को पाटीदार आंदोलन समिति के दो सदस्यों चिराग पटेल और केतन पटेल ने हार्दिक पटेल के नाम लिखे एक खुले पत्र में आरोप लगाया कि उन्होंने आंदोलन की आड़ में अवैध कमाई के जरिए करोड़ों रुपये कमाए हैं.

अपने पत्र में चिराग और केतन ने आरोप लगाया है कि 23 साल के हार्दिक पटेल आरक्षण आंदोलन शुरू होने के एक साल के भीतर ही ‘करोड़पति’ बन गए.

हार्दिक पटेल ने दी सफाई

वहीं इन आरोपों पर मंगलवार को हार्दिक पटेल ने सफाई देते हुए कहा, “मैं पाटीदार आंदोलन के प्रति बेहद ईमानदार हूं, इसलिए इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझता हूं."

उन्होंने कहा, "अगर कुछ लोगों के कहे के मुताबिक मैं करोड़पति बन गया हूं, तो जिन-जिन लोगों ने पैसा दिया है, वो मुझ पर आरोप क्यों नहीं लगा रहे.”

पीएएएस के दो सदस्यों का आरोप

गौरतलब है कि चिराग और केतन दोनों ही पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के प्रमुख सदस्य हैं. देशद्रोह के आरोप में हार्दिक पटेल के साथ इन दोनों को भी जेल जाना पड़ा था.

दोनों ने पत्र में आरोप लगाया था कि “मारे गए लोगों के परिजनों की मदद और आंदोलन के फंड के लिए आए चंदे के पैसे से हार्दिक और उनके चाचा विपुलभाई ने महंगी कारें खरीदीं.”

केतन पटेल पर भाजपा से संबंध का आरोप

वहीं चिराग और केतन के द्वारा हार्दिक पर लगाए गए आरोपों के जवाब में मंगलवार को ही एक अन्य पाटीदार नेता अभिषेक पटेल ने हार्दिक पटेल को पत्र लिखा और केतन पटेल के भाजपा से संबंधित होने का आरोप लगा दिया.

पत्र में अभिषेक ने बताया कि वह केतन पटेल के करीबी रह चुके हैं और उनके जेल में जाने से पहले और बेल पर बाहर आने के बाद भी दोनों साथ में थे. अभिषेक ने आरोप में कहा, “आंदोलन के समय मेरे सामने ही एक बीजेपी नेता ने केतन से बातचीत की थी और आंदोलन को तोड़ने के लिए बातचीत कर रहा था.”

First published: 24 August 2016, 11:23 IST
 
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