Home » इंडिया » in kapur: nitish kumar targeted pm modi and akhilesh yadav
 

कानपुर में नीतीश ने पीएम और सीएम पर साधा निशाना

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 August 2016, 7:55 IST
(एजेंसी)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में तेजी से पांव पसार रहे हैं. उत्तर प्रदेश में अपनी विस्तार नीति के तहत शनिवार को उन्होंंने कानपुर के कुर्मी बाहुल्य क्षेत्र घाटमपुर में एक जनसभा की. इस सभा में उन्होंने एक साथ नरेंद्र मोदी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा.

घाटमपुर की धरती से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि मोदी जी ने कहा था कि उन्हें उत्तर प्रदेश में गंगा मां ने बुलाया है, लेकिन अब वही गंगा उनको देखने के लिए बुला रही है और मोदीजी जनता से किये गये वादों को भूल कर गायब हैं.

सरकार ने पूरे नहीं किये वादे

मोदी सरकार पर तंज कसते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी घोषणापत्र सबसे अहम माना जाता है, लिहाजा केंद्र सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि उसने अपने घोषणापत्र में जो वादे किए ते उनका क्या हुआ. सरकार एक भी वादा ढंग से पूरा करने में असफल रही है.

पढ़ें: उत्तर प्रदेश: छोटे दलों को साधकर मोदी को साधेंगे नीतीश कुमार

गंगा को निर्मल करने की शपथ को याद दिलाते हुए नितीश कुमार ने मोदी को जमकर घेरा. उन्होंने कहा कि सिर्फ घोषणाएं करने से कोई काम पूरा नहीं किया जा सकता है. नमामि गंगे योजना से ही केवल गंगा में सफाई नहीं सम्भव है. सरकार अपने सारे वादे भूल चुकी है.

संघ को चाहिए कि गायों की शाखा लगाये

नीतीश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सड़कों पर चल कर एक बात साफ हो गयी है कि यहां पर गाय, बछड़े और दूसरे मवेशियो की हालत कितनी खराब है और संघ जिस तरह आदमियों की शाखा लगा कर शिक्षा दे रहा है, उसको चाहिये कि गाय की शाखा लगा कर उनका पालन पोषण करे.

कानपुर के घाटमपुर के लोगों की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि जिसको बनरोज कहा जाता है, उसे संघ वाले नील गाय कह कर पुकारते है और ये जानवर किसानो की खेती को सबसे ज्यादा क्षति पहुंचाते हैं.

पढ़ें: 'नीतीश कुमार ने बिहार की आधी आबादी को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया'

किसान का दर्द वही समझ सकता है, जो किसानी से जुड़ा है और हमने बिहार में नील गायों को मारने के लिए कानून भी बना दिया है, जिससे यदि नील गाय किसी किसान की मेहनत पर पानी फेरती है तो उसको मारने का हक भी किसान को मिलना चाहिये.

नीतीश ने कहा कि यदि संघ को यह लगता है कि नील गाय को नहीं मारना चाहिये, तो वो इनके लिए एक शाखा का प्रबन्ध करें और जैसी शिक्षा दूसरों को दे रहे हैं वो नील गायों को दे, साथ में उनको खिलाए और पिलाए.

शराब बन्दी पर सबने हमको घेरा

शराबबन्दी पर चर्चा करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमने जनता से जो वादे किये थे, उसको पूरा करने का काम कर रहे है और उसी के तहत बिहार के घरो में खुशहाली का रास्ता चुना गया है.

शराब बन्द करने के फैसले पर सभी विपक्षी दलों ने लोगों के दिमाग में भ्रान्तिया पैदा करने की कोशिश की. लोगों को बरगलाया गया कि इससे बिहार का नुकसान होगा और लोगों को बिना वजह पुलिस परेशान करेगी लेकिन आज बिहार में महिलाए और परिवार खुश हैं, चौराहों पर कोई हुड़दंग नहीं होता है.

पढ़ें: शराबबंदी अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर लाने में लगे नीतीश कुमार

नीतीश कुमार ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में सरकार में आने का मौका मिला तो सबसे पहला कदम शराब बन्दी का होगा. इसके साथ ही नीतीश ने संघ और भाजपा के नेताओं से शराब बन्दी के रुख पर अपना नजरिया जनता के सामने रखने को कहा.

कांग्रेस के बारे में कुछ भी बोलने से बचते रहे

उत्तर प्रदेश की राजनीति के बारे में बोलते हुए नीतीश कुमार ने सभी दलों को कोसा. समाजवादी पार्टी को परिवार तक सीमित रहने वाली पार्टी करार दिया तो बहुजन समाज पार्टी के बारे में बोलते हुए कहा कि इनके हाथी पर किसी की कोई लगाम नहीं है, जहां मन करता है हाथी उस तरफ मुड़ जाता है. ऐसे में प्रदेश की जनता के विषय में सोचने वाला कोई नहीं है.

पढ़ें: ये कैसा 'सुशासन' जिसमें छात्रों की होती है पिटाई और जेल

नीतीश राजनीति पर बात करते रहे लेकिन प्रदेश में सबसे ज्यादा राज करने वाली कांग्रेस पार्टी के बारे में और उनके दल के किसी नेता के बारे में कुछ भी नहीं बोला.

सभा में मौजूद कई नेताओं का यह भी कहना था कि आने वाले समय में प्रदेश में जनता दल यूनाइटेड़ का ताल मेल कांग्रेस के साथ होने की पूरी संभावना है.

First published: 8 August 2016, 7:55 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी