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कर्नाटक: डीएसपी गणपति सुसाइड केस की सीआईडी जांच का आदेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2016, 13:40 IST
(एजेंसी)

कर्नाटक में डीएसपी गणपति की खुदकुशी के बाद मंत्री और अफसर सवालों के घेरे में हैं. डीएसपी एम के गणपति ने गुरुवार को आत्महत्या कर ली थी. आरोप है कि डीएसपी ने यह कदम उच्च अधिकारियों के उत्पीड़न और विभागीय कामकाज में मंत्री के कथित दखल से परेशान होकर उठाया.

एक हफ्ते के दौरान राज्य में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के किसी अधिकारी की आत्महत्या की यह दूसरी घटना है. राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि डीएसपी एम के गणपति की आत्महत्या के मामले में मैंने सीआईडी जांच के आदेश दे दिए हैं.

बेंगलुरु में बीजेपी का प्रदर्शन

घटना के बारे में बताया जा रहा है कि मेंगलुरु के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में तैनात पुलिस उपाधीक्षक एम के गणपति गुरुवार की शाम मडिकेरी के एक लॉज में मृत पाए गए.

इस बीच डीएसपी की खुदकुशी के मामले में राज्य की सियासत भी गरमा गई है. मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने घटना के खिलाफ राज्य की राजधानी बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन किया.

कठघरे में मंत्री और अफसर

पुलिस के मुताबिक गणपति गुरुवार सुबह ही मेंगलुरु से मडिकेरी आए थे और करीब सवा दस बजे बस स्टैंड के पास एक लॉज में कमरा किराए पर लिया था.

गणपति ने लॉज में कमरा बुक कराते समय अपना नाम-पता दर्ज किया था, लेकिन खुद के लिए पुलिस अधिकारी होने का उल्लेख नहीं किया था और ना ही वो वर्दी में थे.

हालांकि उन्होंने लॉज के प्रबंधक से कमरे में पंखा होने के बारे में पूछा था, लेकिन इस पर किसी को संदेह नहीं हुआ.

लॉज में की खुदकुशी

मडिकेरी में आमतौर पर सर्दी ज्यादा होती है, जबकि मेंगलूरु में समुद्र तट नजदीक होने के कारण मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहता है. इसी वजह से लॉज के कर्मचारियों को गणपति पर कोई संदेह नहीं हुआ.

लॉज के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि थोड़ी देर कमरे में रहने के बाद गणपति पुलिस की वर्दी में निकले और ऑटो से कहीं गए. लॉज में दोपहर करीब एक बजे गणपति वापस लौटे, जिसके बाद उन्हें किसी ने नहीं देखा.

देर शाम तक जब गणपति कमरे से बाहर नहीं निकले, तो कर्मचारियों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर दूसरी चाबी से दरवाजा खोला गया, तो गणपति को पंखे से लटका पाया.

सुसाइड से पहले दिया इंटरव्यू!

इसके बाद लॉज के प्रबंधक ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी. मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस अधिकारी वहां पहुंच गए. 

1994 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी गणपति मूलत: कोडुगू जिले के ही रहने वाले थे. इस बीच खबर है कि आत्महत्या करने से पहले जब गणपति लॉज से बाहर गए थे तो उन्होंने किसी एक स्थानीय चैनल को साक्षात्कार दिया था.

बताया जा रहा है कि इस इंटरव्यू में उन्होंने अपने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर उत्पीड़न और कुछ नेताओं पर कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया था.

तीन दिन में दूसरे डीएसपी की खुदकुशी

इस बीच पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश ने गणपति की आत्महत्या और लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि घटना दुखद है, लेकिन वे कुछ भी जांच पूरी होने के बाद ही कह पाएंगे.

गौरतलब है कि मंगलवार को चिकमगलूरु ग्रामीण के पुलिस उपाधीक्षक कलप्पा हंडीबाग ने भी बेलगावी में अपने रिश्तेदार के घर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी.

रविवार को ही कलप्पा के खिलाफ एक कारोबारी के अपहरण की साजिश और फिरौती वसूली में लिप्त होने का मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था.

First published: 8 July 2016, 13:40 IST
 
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