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कश्मीर घाटी में तनाव के बीच लूटे गए पुलिस के 70 हथियार

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 July 2016, 13:58 IST

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में जहां एक तरफ पुलिस और सेना राज्य में फैली हिंसा को रोकने में जुटी हुई है. वहीं दूसरी तरफ हिंसक प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस और सेना के हथियार लूटने का सिलसिला भी जारी है.

दो दिन पहले भी कुछ प्रदर्शनकारियों के द्वारा जम्मू-कश्मीर पुलिस के 70 हथियार लूट लिए गए. सोमवार को कुलगाम के दमहल हांजी पोरा पुलिस स्टेशन से ये हथियार लूटे गए. बताया जा रहा है कि 70 हथियारों में से कुछ ऑटोमेटिक थे, तो कुछ सेमी ऑटोमेटिक.

मंगलवार को भी सेना से हथियार छीनने के दो अलग-अलग मामले सामने आए. त्राल में एक समूह ने 4 कांस्टेबलों पर हमला बोल कर उनसे हथियार छीनने की कोशिश की. हालांकि पुलिसकर्मियों ने ऐसा होने नहीं दिया.

देर शाम करलपुरा पुलिस स्टेशन पर हमला किया गया. सूत्रों के मुताबिक हमलावरों का मकसद हथियार लूटना ही था.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को दो सीआरपीएफ जवान एक नागरिक को अस्पताल ले जा रहे थे, उसी दौरान लोगों ने उन पर हमला किया.

जवानों ने जवाबी कार्रवाई की, तो विद्रोहियों ने पत्थर और रॉड से उनको मारना शुरू कर दिया, लेकिन किसी भी तरह से जवानों ने उन्हें अपनी राइफल नहीं छीनने दी.

इससे पहले शनिवार को भी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के गृहक्षेत्र बिजबहेरा में भी पुलिस पोस्ट पर हमला कर कुछ हथियार लूटे गए थे.

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर प्रदर्शनकारी हथियार लूटकर उसे स्थानीय आतंकियों तक पहुंचा रहे हैं और इसका इस्तेमाल सेना के खिलाफ हो रहा है.

गौरतलब है कि बुरहान वानी की बीते शुक्रवार को मुठभेड़ में मौत के बाद घाटी में हुई हिंसक झड़पों में 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

First published: 13 July 2016, 13:58 IST
 
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