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तस्वीरें: मध्य प्रदेश में बाढ़, बुंदेलखंड इलाके में आफत

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 July 2016, 8:03 IST
QUICK PILL
  • पिछले 72 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में हुआ घनघोर बारिश के बाद ज्यादातर शहरों में बाढ़ के हालात बन गए हैं. ग्रामीण अंचलों से बहने वाली बड़ी नदियां उफान पर हैं. ज्यादातर खतरे के निशान को छूने लगी हैं. जबलपुर में नर्मदा का जलस्तर जबरदस्त तरीके से बढ़ गया है.
  • राज्य के सतना जिले में आई बाढ़ को देखते हुए जबलपुर मध्य एरिया कमांड से सेना के जवानों व सैन्य अधिकारियों को राहत कार्य के लिए भेजा गया है. दमोह जिले में व्यारमा, सुनार, बेबस, जूड़ी, सतधरू सहित कई सहायक नदियां और जंगली नाले उफान पर हैं.

पिछले 72 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में हुआ घनघोर बारिश के बाद ज्यादातर शहरों में बाढ़ के हालात बन गए हैं. ग्रामीण अंचलों से बहने वाली बड़ी नदियां उफान पर हैं. ज्यादातर खतरे के निशान को छूने लगी हैं. जबलपुर में नर्मदा का जलस्तर जबरदस्त तरीके से बढ़ गया है.

राज्य के सतना जिले में आई बाढ़ को देखते हुए जबलपुर मध्य एरिया कमांड से सेना के जवानों व सैन्य अधिकारियों को राहत कार्य के लिए भेजा गया है. दमोह जिले में व्यारमा, सुनार, बेबस, जूड़ी, सतधरू सहित कई सहायक नदियां और जंगली नाले उफान पर हैं.

कटनी नदी, नरसिंहपुर की शेर, शक्कर नदी भी खतरनाक रूप से उफान पर है. लगातार पानी गिरने की स्थिति में हटा क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक गांवों में हाई एलर्ट घोषित कर दिया गया है.

सतना जिले के आसपास कम दबाव का क्षेत्र निर्मित होने के चलते सतना, दमोह और आस पास के इलाकों में भारी बारिश हुई है. मौसम विभाग द्वारा अभी आगामी 48 घंटों के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.

भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन सतर्कता बरत रहा है. दमोह शहर में बीच-बीच में रुक-रुक कर पानी बरस रहा है.

हाटा क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है. हाटा के एसडीम नंदलाल समरथ ने बताया कि क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव खाली कराने के निर्देश दिए हैं, अभी केवल तीन गांव ही खाली कराए गए जा सके हैं. इनमें दादपुर, दिगी, डीवर गांव शामिल हैं. इनके अलावा मुहरई, चंदेना, इटवा, बासनी सहित एक दर्जन गांव हैं, जिन्हें चिहिन्त किया गया है.

हालांकि अभी सुनार नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन खतरा बना हुआ है. वहां भी गांव खाली कराए जा रहे हैं. इधर पथरिया के एसडीएम एसके अहिरवार का कहना है कि बेबस नदी व जूड़ी नदी में भी उफान की स्थिति बनी हुई है. बेबस नदी के कारण जेरठ, निबोराकला, पिपरिया, धौराजा, तिरमुड़ा गांव में हाई एलर्ट घोषित किया गया है, लेकिन अभी गांवों को खाली कराने की स्थिति नहीं बन रही है.

उन्होंने बताया कि बटियागढ़ में जूड़ी नदी उतार चढ़ाव ले रही है, जिससे स्थिति अभी नियंत्रण में है. मौसम विभाग की चेतावनी के कारण अगले 48 घंटे प्रशासन इसी तरह अलर्ट रहेगा. तेंदूखेड़ा के एसडीएम डॉ सीपी पटेल ने बताया कि व्यारमा नदी अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, इस इलाके के कनेपुर, रोहनी, गूढ़ा व लल्लूपुरा गांव में हाई एलर्ट घोषित किया गया है, अगर जरूरत पड़ेगी तो इन गांवो को खाली करने की व्यवस्था की गई है. इन गांवों को तत्काल खाली करा लिया जाएगा, इसके प्रबंध कर लिए गए हैं.

राजस्थान पत्रिका
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First published: 9 July 2016, 8:03 IST
 
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