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साइकिल हब बनाने को लेकर विपक्ष के निशाने पर सुखबीर बादल

राजीव खन्ना | Updated on: 16 May 2016, 8:11 IST
QUICK PILL
  • पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने चुनावी साल में राज्य में साइकिल हब बनाने का प्रस्ताव रखा है. चीन की यात्रा के दौरान बादल ने इस बारे में निवेशकों को जानकारी दी.
  • बादल की इस योजना के खिलाफ निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रेसिडेंट कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बादल के कार्यकाल के दौरान पंजाब में एक भी रुपये का निवेश नहीं हुआ है.

चुनावी साल में पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल राज्य में साइकिल वैली बनाना चाहते हैं. बादल की कोशिश राज्य को निवेश के हब के तौर पर दिखाने की है. चीन की यात्रा के दौरान बादल लुधियाना में साइकिल वैली बनाए जाने की अपनी योेजना के बारे में खुलासा किया था. 

सुखबीर सिंह बादल की योजना लुधियाना को प्राथमिक तौर पर ई साइकिल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की है और इसकी आधारशिला अगस्त में रखे जाने की योजना है. 

बादल के साथ चीन गए बड़े निर्माता तो इस योजना से उत्साहित दिखे लेकिन छोटी कंपनियों ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि वह चीन से इंडस्ट्री की बजाए टेक्नोलॉजी चाहते हैं. सुखबीर सिंह बादल की चीन यात्रा को लेकर राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है.

पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की योजना लुधियाना को ई साइकिल हब बनाए जाने की है

ई-साइकिल बनाने वाली कंपनी से मिलने के बाद सुखबीर ने कहा, 'मैंने इस कंपनी के पूरे ईको सिस्टम को समझा है और मुझे भरोसा है कि हम लुधियाना को साइकिल वैली बना सकते हैं. पंजाब सरकार तेजी से मंजूरी देते हुए उन पांच प्रोमोटर्स को भी जमीन देगी जिन्होंने मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की इच्छा जाहिर की है. इसमें चार चीनी और एक ताइवानी कंपनी शामिल है. ई-साइकिल कंपनियों के भारत में आने का यह सही समय है और हमें इससे बेहद फायदा होगा.'

बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल पंजाब में ई-साइकिल हब को दुनिया के साइकिल हब के तौर पर आगे बढ़ाएगी. यह हब 300 एकड़ में फैला होगा. निवेशकों से बातचीत में उन्होंने कहा, '1.5  लाख नौकरियों के साथ प्रति वर्ष 15 लाख साइकिल बनाने की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है.'

पंजाब के इस प्रस्तावित हब में कई कंपनियां 1 करोड़ डॉलर तक का निवेश करने की इच्छुक हैं

हीरो साइकिल्स के चेयरमैन पंकज मुंजाल ने कहा कि साइकिल और मोटरसाइकिल सेगमेंट में बड़ा अंतर है. उपभोक्ताओं को जहां औसतन साइकिल के लिए 4,000 रुपये का भुगतान करना पड़ता है वहीं मोटरसाइकिल के लिए उन्हें 50,000 रुपये का भुगतान करना पड़ता है.

कई अन्य कंपनियों ने कहा कि वह इस प्रस्तावित हब के लिए शुरुआती तौर पर 50 लाख से 1 करोड़ डॉलर तक का निवेश करना चाहती है.

मुंजाल ने कहा कि उनकी कंपनी हाई एंड साइकिल के निर्माण के लिए चीनी कंपनियों के साथ करार करने को लेकर बातचीत कर रही हैं. उन्होंने कहा, 'हमने हीरो में माउंटेन साइकिल का निर्माझा शून्य से बढ़ाकर दो लाख किया और वह भी दो सालों के भीतर.'

हालांकि साइकिल हब में चीनी कंपनियों को बुलाए जाने के मामले को लेकर छोटी और मझोली कंपनियां खुश नहीं हैं. 

चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग्स के प्रेसिडेंट अवतार सिंह ने कहा, 'सरकार को हमारी सलाह है कि वह यहां मौजूदा इंडस्ट्री की हिफाजत करें. जो लोग यहां 50 सालों से काम कर रहे हैं वह कहां जाएंगे. हमारे पास टेक्नोलॉजी नहीं है लेकिन हमारे पास टैलेंट है. हमेें इंडस्ट्री के बदले स्किल डिवेलपमेंट और आरएंडडी दीजिए.'

कारोबारियोें का कहना है कि सरकार को सस्ती टेक्नोलॉजी और मशीनरी मुहैया कराने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए.

सिंह ने कहा, 'पंजाब और भारत सरकार दोनों ही सस्ती टेक्नोलॉजी और मशीनरी मुहैया कराने में विफल रही हैं. पिछले पांच सालों में हमारा निर्यात 1,200 करोड़ रुपये से घटकर 500 करोड़ रुपये रह गया है. वहीं चीन से होने वाला निर्यात 100 करोड़ रुपये से बढ़करर 1000 करोड़ रुपये हो गगया है. मैं इस सरकार का समर्थक हूं लेकिन जहां तक नीतियों की बात है तो मैं व्यापारी पहले हूं.'

कांग्रेेस प्रेसिडेंट कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में सबको पता है कि सुखबीर सिंह चीन के दौरे पर अपना कारोबारी हित साधने गए थे. 

अमरिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल के कार्यकाल में पंजाब में एक रुपये का निवेश नहीं हुआ है 

सिंह ने चुनौती देते हुए कहा कि बादल के कार्यकाल में पंजाब में एक रुपये का निवेश नहीं आया है. अमरिंदर ने कहा, 'कोई बुद्धिमान व्यक्ति घरेलू उद्योग की स्थिति संभालेगा न कि चीन जैसे देश से बिजनेस लेकर आएगा.' उन्होंने कहा कि पंजाब से साइलिक इंडस्ट्री झारखंड जैसे राज्यों में जा रहा है और करीब 20,000 छोटे और मझोले उद्योग पहले ही बंद हो चुके हैं.

कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी ने भी सुखबीर के प्रस्ताव को लेकर करारा हमला किया है. आप के नेता भगवंत मान ने कहा, 'अतीत में सुखबीर सिंह कई ऐसे गैर व्यावहारिक प्रोजेक्ट को शुरू करने की योजना बना चुके हैं.' उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि कोई भी अकाली दल का नेता क नाडा और पंजाब नहीं  जाना चाहता है क्योंकि वहां रह रहा पंजाबी समुदाय इन्हें देखना नहीं चाहता है. इसलिए सुखबीर कोरिया, चीन और जापान जाकर अपने को दिलासा दे रहे हैं.

First published: 16 May 2016, 8:11 IST
 
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