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छत्तीसगढ़: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं हटा मंदिर, बीजेपी-कांग्रेस एक साथ

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 July 2016, 11:46 IST

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार रविवार को रायपुर के महादेव घाट स्थित हनुमान मंदिर के अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रही है.

बताया जा रहा है कि रायपुर नगर-निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मंदिर के अवैध हिस्से को गिराने पहुंची, लेकिन वहां मौजूद लोगों के भारी विरोध प्रदर्शन के कारण उसे उल्टे पांव लौटना पड़ा.

मंदिर गिराने के विरोध में बीजेपी, शिव सेना, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता तीखे विरोध पर उतर आए, जिसकी वजह से प्रशासन को कार्रवाई रोकने पर मजबूर होना पड़ा. इन लोगों ने अलावा वहां पर कांग्रेसी कार्यकर्ता भी दिखे, जो मंदिर तोड़ने के पक्ष में नहीं थे.

अवैध निर्माण को हटाने का आदेश

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई को एक आदेश जारी किया कि रायपुर के महादेव घाट पर बने इस मंदिर और 19 दुकानों के अवैध निर्माण को हटाया जाए.

यह मंदिर छगन लाल गोविंद राम ट्रस्ट की तरफ से बनाया गया था. वर्तमान समय में इस ट्रस्ट के प्रमुख छत्तीसगढ़ विधान सभा के अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इस मंदिर के निर्माण को अवैध बताया था.

स्पीकर हैं मंदिर के ट्रस्टी

इस मामले में विवाद इसलिए ज्यादा बढ़ गया है, क्योंकि इस मंदिर के ट्रस्टी विधानसभा के अध्यक्ष हैं और इस मंदिर के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ कार्यक्रम में स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी पहुंचे थे.

मई में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीजेपी के 34 विधायकों ने रमन सिंह सरकार को मंदिर बचाने के लिए चिठ्ठी भी लिखी थी.

लेकिन जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए विधायकों की मांग को खारिज कर दिया और रविवार को मंदिर गिराने के लिए टीम पहुंची. लेकिन वहीं मौजूद लोगों के विरोध के कारण वह मंदिर गिराने में असफल रही.

जहां एक ओर सीएम रमन सिंह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराना चाहते हैं, वहीं बीजेपी के कई विधायक समेत कांग्रेस के कई नेता भी मंदिर को गिराने के पक्ष में नहीं हैं.

First published: 4 July 2016, 11:46 IST
 
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