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राज्यसभा: शोक श्रद्धांजलि पर बैठक स्‍थगित करने की परंपरा में बदलाव

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(पीटीआई)

राज्‍यसभा में दो सत्र के बीच अगर किसी सांसद का निधन हो जाता था, तो सदन की यह परंपरा रही है कि सदन के अगले सत्र की पहली बैठक को स्‍थगित करके दिवंगत को श्रद्धांजलि दी जाती थी.

मोदी सरकार इस पंरपरा को समाप्त करने जा रही है. हालांकि संसद सत्र के दौरान किसी सदस्‍य के निधन पर कार्यवाही पूरे दिन स्‍थगित करने की परंपरा चलती रहेगी. राज्‍यसभा की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि 3 मई की बैठक में सामान्य प्रयोजन समिति ने इस परंपरा को समाप्त करने की सलाह दी थी.

समिति के इस प्रस्ताव को राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने अपनी मंजूरी दे दी है. समिति के सलाह पर संशोधित प्रकिया के मुताबिक अब राज्यसभा के दो सत्रों के बीच किसी वर्तमान सदस्‍य के निधन पर अगले सत्र के पहले दिन सदन केवल एक घंटे के लिए स्‍थगित किया जाएगा.

वहीं किसी ऐसे मंत्री के निधन पर, जो निधन के समय राज्‍यसभा का सदस्‍य नहीं हो, उसके लिए सदन को पूरे दिन के लिए स्‍थगित किया जा सकता है, बशर्ते उसका निधन दिल्‍ली में हुआ हो.

राज्यसभा के बुलेटिन के मुताबिक किसी राष्‍ट्रीय राजनैतिक पार्टी के अध्‍यक्ष के निधन पर राज्यसभा पूरे दिन के लिए स्‍थगित की जाएगी, बशर्ते राजनेता लोकसभा का सदस्‍य हो और उसकी पार्टी का राज्‍यसभा में भी प्रतिनिधित्‍व हो. सदन में स्‍पीकर के द्वारा उसकी पार्टी को एक पार्टी या समूह माना जाए.

इसके अलावा किसी बहुत बड़ी हस्‍ती या राष्‍ट्रीय नेता या फिर विदेशी अतिथि के निधन पर, राज्यसभा का स्‍पीकर सदन के नेता की सलाह सदन की बैठक को स्‍थगित करने पर विचार कर सकता है.

First published: 1 June 2016, 2:40 IST
 
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