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शहाबुद्दीन की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, 19 सितंबर को सुनवाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 September 2016, 15:50 IST
(पीटीआई)

बिहार के बाहुबली नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने की मांग को लेकर आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हो गई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा.

सीवान के चंद्रकेश्वर प्रसाद की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने याचिका दाखिल की है. अदालत में इस मामले में 19 सितंबर को सुनवाई होगी. शहाबुद्दीन पर चंद्रकेश्वर प्रसाद के तीन बेटों की हत्या का मुकदमा चल रहा है. इसी मामले में उन्हें बेल मिली थी. 

बिहार सरकार ने भी दाखिल की याचिका

इसके साथ ही शुक्रवार को बिहार सरकार ने भी पटना हाईकोर्ट से शहाबुद्दीन को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. अर्जी में शहाबुद्दीन की जमानत खारिज करने की मांग की गई है.

शहाबुद्दीन औऱ उनके गैंग पर 2004 में चंद्रकेश्वर प्रसाद के दो बेटों सतीश और गिरीश को तेजाब से जलाकर मारने का आरोप है. उनके तीसरे बेटे और मामले के चश्मदीद राजीव की भी गवाही से कुछ दिन पहले 2014 में हत्या कर दी गई. इस मामले में सीवान की अदालत ने शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. 

'निष्पक्षता से काम करेगा कानून'

इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहाबुद्दीन मुद्दे पर गुरुवार को कहा था कि इस मामले में कानून पूरी निष्पक्षता के साथ अपना काम करेगा.

शहाबुद्दीन के संदर्भ में उन्होंने कहा, "किसी भी मामले में कानून की एक प्रक्रिया होती है. इस मामले में मैं यही कहूंगा कि कानून अपना काम बिना किसी पक्षपात के निष्पक्ष तौर पर करेगा."

बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन सहित कुछ राजद नेताओं के द्वारा उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए जाने वाली टिप्पणियां किए जाने के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वह इन सब बातों पर ध्यान नहीं देते हैं.

भागलपुर जेल से हुई थी रिहाई

शहाबुद्दीन को जमानत मिलने के बाद भाजपा नीत विपक्ष ने नीतीश सरकार पर हमला तेज कर दिया है. पटना हाई कोर्ट से सीवान के चर्चित तेजाब कांड में जमानत मिलने के बाद भागलपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए शहीबुद्दीन ने ताबोड़तोड़ नीतीश पर हमला करके उन्हें और पूरी सरकारी मशीनरी को सकते में डाल दिया था.

जिसके बाद से ही नीतीश कुमार की पार्टी जदयू की ओर से संकेत आने लगे थे कि सरकार शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करके दोबारा जेल का रास्ता दिखाएगी. हालांकि सरकार की ओर से कोई स्पष्ट रुख नहीं जताया गया है. सरकार में राजद भी शामिल है. नीतीश कुमार नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड से मिलने के लिए इस समय दिल्ली में ही हैं.

First published: 16 September 2016, 15:50 IST
 
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