Home » इंडिया » In these places Ravan is worshipped as a God, people go to ravan temple
 

देश की इन जगहों पर रावण जलाना है सख्त मना, मंदिर में होती है पूजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 October 2018, 10:54 IST

देश भर में आज दशहरा पर्व बड़ी धूम-धाम से मनाया जा रहा है. आज के दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रुप में मनाया जाता है. इसी लिए हर साल दशहरे के दिन रावण को बुराई का प्रतीक मान कर उसे जलाया जाता है. लेकिन भारत में कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां पर रावण को जलाना सख्त मना है. क्योंकि इन जगहों पर रावण को भगवान की तरह पूजा जाता है. रावण की मूर्ती को मंदिर में स्थापित किया गया है जहां उनकी पूजा की जाती है. रावण के बारे में इन जगहों पर अलग अलग तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं.

मध्यप्रदेश- मध्यप्रदेश के मंदसौर में दशहरे के दिन रावण नहीं जलाया जाता है. ऐसी मान्यता यही कि मंदसौर का असली नाम दशपुर था और यह रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका था. तो इस हिसाब से मंदसौर रावण का ससुराल हुआ. इसलिए यहां के लोग दामाद के सम्मान की परंपरा वहन करते हुए रावण के पुतले को जलाते नहीं है बल्कि इसके उलट वहां रावण की पूजा की जाती है.



कनार्टक- ऐसी ही मान्यतायों के चलते कनार्टक के कोलार जिले में भी रावण की पूजा की जाती है. यहां की मान्यता है कि रावण भगवान शिव का भक्त था, जिस कारण यहां के लोग रावण की पूजा करते हैं. यहां पर भी लोग रावण को भवान शिव का भक्त मान क्र उसे पूजते हैं.

राजस्थान- राजस्थान के जोधपुर में भी रावण की पूजा की जाती है. जोधपुर में रावण का मंदिर है. यहां पर कुछ समाज विशेष के लोग रावण की पूजा-अर्चना करते हैं और खुद को रावण का वंशज मानते हैं. वंशज होने के कारण यहां के लोग भी रावण को जलाने के बजाय उसकी पूजा करते हैं.


आंध्रप्रदेश- आंध्रप्रदेश के काकिनाड में भी रावण का मंदिर है. जहां पर भगवान शिव के साथ रावण की मूर्ती है और लोग इन दोनों की साथ में पूजा करते हैं.

हिमाचल प्रदेश- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भी रावण को पूज्यनीय माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि रावण ने यहां पर भगवान शिव की तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे मोक्ष का वरदान दिया था. यहां के लोगों के बीच ये भी मान्यता है कि भगवान् शिव के भक्त रावण को जलाने पर उनकी मौत हो जाएगी.

उत्तर प्रदेश- उत्तर प्रदेश के बिसरख गांव में भी रावण का एक मंदिर बना हुआ है और यहां पर रावण की पूजा की जाती है. ऐसा कहा जाता है कि बिसरख गांव, रावण का ननिहल था. इसी कारण यहां के लोग रावण की पूजा करते हैं.

 

First published: 19 October 2018, 10:54 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी