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कचरे की आग से मुंबई की अटकी सांस

अश्विन अघोर | Updated on: 10 February 2017, 1:52 IST
QUICK PILL
  • आमतौर पर कचरा डंपिंग केंद्रों में लगने वाली आग पर बिना किसी परेशानी के कुछ ही घंटों के भीतर नियंत्रण पा लिया जाता था. लेकिन 27 जनवरी 2016 को देवनार डंपिंग ग्राउंड में लगी आग पूर्व की ऐसी सभी घटनाओं से अलग थी और इस पर नियंत्रण पाने में तीन दिन का वक्त लग गया.
  • वहां हवा में अभी भी तमाम प्रदूषकों के धुएं की भारी मात्रा मौजूद है और यह शहर के लोगों को प्रभावित कर रहा है. स्मॉग के चलते सोमवार को शहर के लगभग 70 सरकारी स्कूलों को बंद कर रखा गया.

मुंबई महानगर से रोजाना निकलने वाले हजारों मैट्रिक टन कचरे को फेंके जाने वाले देवनार और मुलुंड डंपिंग ग्राउंड पर आए दिन आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं. कचरे के ढेर के नीचे से पैदा होने वाली मीथेन गैस की भारी मात्रा तकरीबन रोजाना आग लगने का कारण बनती है. इन डंपिंग ग्राउंड्स पर तैनात कर्मचारियों को हमेशा इसकी निगरानी करनी पड़ती है और आग लगने पर वे इसे तुरंत बुझाने में जुट जाते हैं. 

लेकिन 27 जनवरी 2016 को देवनार डंपिंग ग्राउंड में लगी आग पूर्व की ऐसी सभी घटनाओं से अलग थी.

जहां पहले लगने वाली आग पर बिना किसी परेशानी के कुछ ही घंटों के भीतर नियंत्रण पा लिया जाता था. वहीं हाल ही में लगी इस आग पर नियंत्रण पाने में तीन दिन का वक्त लग गया. डंपिंग ग्राउंड के कर्मचारियों ने इस आग को भी आम दिनों में होने वाली घटना समझते हुए सामान्य प्रतिक्रिया की. लेकिन उनके प्रयास व्यर्थ साबित हुए और कचरे के बड़े ढेर से धुआं निकलता रहा. 

कुछ ही वक्त में इस धुएं ने आसपास के क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया और इसका गुबार बढ़ता चला गया. जल्द ही यह देवनार डंपिंग ग्राउंड से करीब 20 किलोमीटर दूर तक दक्षिण मुंबई में फैल गया.

बढ़ते धुएं के गुबार पर नागरिक प्रशासन ने तब तक संज्ञान नहीं लिया जब तक यह नरीमन प्वाइंट और कोलाबा जैसे स्थानों पर नहीं पहुंच गया. यहां तक की शुरुआत में इसे कोहरा समझने की भूल की गई. कार्यालयों और आवासीय क्षेत्रों में धुएं की वजह से लोग परेशान होने लगे और तब स्थानीय अधिकारियों द्वारा इस संबंध में कार्रवाई शुरू की गई.

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ग्रेटर मुंबई नगर निगम (एमसीजीएम) के चीफ अजय मेहता को तलब किया और स्थिति का जायजा. आग पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई के संबंध में एक ट्वीट भी जारी किया गया.

जल्द ही यह धुआं देवनार डंपिंग ग्राउंड से करीब 20 किलोमीटर दूर तक दक्षिण मुंबई तक फैल गया

मुख्यमंत्री ने आधिकारिक जांच का आदेश भी दे दिया. प्रारंभिक सूचना के अनुसार आग का कारण संभवत: डंपिंग ग्राउंड पर दो नाबालिग लड़कों द्वारा कुछ कपड़ों में आग लगाना हो सकता है. इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है.

नागरिक प्रशासन ने कहा कि आग पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया जाएगा. लेकिन इसने पूरे तीन दिन ले लिया. अधिकारियों ने 72 से ज्यादा घंटों तक आग बुझाने के लिए संघर्ष किया. 21 अधिकारियों और 132 अग्निशमन वाहनों का एक दल आग बुझाने में लगातार जुटा रहा.

अभी भी जूझ रही मुंबई

वहां हवा में अभी भी तमाम प्रदूषकों के धुएं की भारी मात्रा मौजूद हैं और यह शहर के लोगों को प्रभावित कर रहा है. स्मॉग के चलते सोमवार को शहर के लगभग 70 सरकारी स्कूलों को बंद कर रखा गया.

गोवंडी के रहने वाले करीम खान ने कहा, 'शुरू में हमने सोचा कि यह कोहरा है. कुछ दिनों से तापमान बहुत कम था. लेकिन दिन के शुरुआत होते ही लोगों को खांसी, आंखों में जलन और गले में दिक्कतें आने लगी. दोपहर बाद जब मैं बाहर निकला तो पूरे क्षेत्र में गहरा धुआं छाया हुआ था. इसके बाद मुझे गंभीर स्थिति का अंदाजा हुआ है और मैं अपने परिवार के लिए मास्क लेने निकल गया.'

करीम खान के अनुसार धुएं की परत इतनी मोटी थी कि सामने वाली इमारत भी साफ नहीं दिख रही थी. धुएं की वजह से हमें अपने घर की खिड़कियां और दरवाजें को बंद करने पर मजबूर होना पड़ा.

यही रहने वाले शकीर अब्बास ने कहा कि धुएं के कारण उनके परिवार के लोगों को सांस लेने में दिक्कतें आने लगी. उन्होंने बताया, 'मेरा दस साल का बेटा ठीक से सांस नहीं ले पा रहा था जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाना पड़ा. इलाज के बाद ही उसकी स्थिति सामान्य हुई.'

करीम खान के अनुसार धुएं की परत इतनी मोटी थी कि सामने वाली इमारत भी साफ नहीं दिख रही थी

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर दीपक सावंत के अनुसार यह संभव है कि धुएं में मौजूद जहरीले तत्व के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हुई होंगी.

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्टिंग एंड रिसर्च (एसएएफएआर) के अनुसार, धुएं की वजह से मुंबई शहर की वायु की गुणवत्ता 341 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गई थी.

यह खतरनाक स्तर लगातार दो दिनों तक बना रहा. मुंबई मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार मुंबई की वायु की गुणवत्ता दिल्ली के बराबर हो गई थी.

मुंबई महानगरपालिका के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रभात रहांगडाले ने बताया, 'सुलगते डंपिग ग्रांउड से निकल रहे धुएं को रोकने के लिए पानी डालकर ठंडा करने की कार्रवाई रविवार को शुरू हुई. अब स्थिति नियंत्रण में है. यह कार्रवाई लगातार तीन दिनों तक चली.'

राजनीतिक आरोप तेज

इस घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए. समाजवादी पार्टी के नेता और लोकल कारपोरेटर रईस शेख ने आरोप लगाया है कि डंपिंग साइट का कुप्रबंधन सभी समस्याओं का कारण है. उन्होने कहा, ' डंपिंग ग्रांउड से संबंधित अधिकारी लगातार बुनियादी प्रबंधन अनदेखी कर रहे हैं. इन अक्षम अधिकारियों की लापरवाही की कीमत दक्षिण मुंबई के रहने वाले निर्दोष लोग भी चुका रहे हैं.'

बीजेपी सांसद किरीट सोमैया ने अधिकारी-ठेकेदार गठजोड़ का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है. सोमैया के अनुसार देवनार डंपिंग ग्रांउड के प्रभारी अधिकारी को निश्चित तौर पर दंडित किया जाना चाहिए. यह घटना अधिकारियों की घोर लापरवाही और अक्षमता का परिणाम है. इसके जिम्मेदार सभी लोग सजा के हकदार हैं.

First published: 3 February 2016, 8:50 IST
 
अश्विन अघोर @catchnews

मुंबई स्थित स्वतंत्र पत्रकार

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