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Independence Day 2020: लाल किले की प्राचीर से PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें यहां पढ़िए

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 August 2020, 9:08 IST

IndependenceDay2020: स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिष्ठित लाल किले की प्राचीर से देश के नाम संबोधन दिया. इससे पहले सुबह -सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने लाल किले के प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. राष्ट्रीय ध्वज फहराने में मेजर श्वेता पांडे ने पीएम की मदद की. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देश को शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा ''इस स्वतंत्रता दिवस पर हम प्रधानमंत्री मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को पूर्ण करने का संकल्प लें और भारत में निर्मित स्वदेशी चीजों का अधिक से अधिक उपयोग कर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अपना सर्वोच्च योगदान दें. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं''.

पीएम मोदी के सम्बोधन की मुख्य बातें

आज जो हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे मां भारती के लाखों बेटे-बेटियों का त्याग, बलिदान और मां भारती को आज़ाद कराने के लिए समर्पण है. आज ऐसे सभी स्वतंत्रता सेनानियों का, आज़ादी के वीरों का, वीर शहीदों का नमन करने का ये पर्व है. उन्होंने कहा ''कोरोना के समय में कोरोना वॉरियर्स जैसे- डॉक्टर्स, नर्से, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी इत्यादि लोगों को मैं आज नमन करता हूं.''


पीएम मोदी ने कहा ''आज़ादी का पर्व हमारे लिए आज़ादी के वीरों को याद करके नए संकल्पों की ऊर्जा का एक अवसर होता है. ये हमारे लिए नई उमंग, उत्साह और प्रेरणा लेकर आता है. अगला आज़ादी का पर्व जब हम मनाएंगे, तब हम 75 वें वर्ष में प्रवेश करेंगे. तो ये हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है.

गुलामी के इतने लंबे कालखंड में कोई भी पल ऐसा नहीं था कि आज़ादी की इच्छा को लेकर के किसी ने प्रयास, जंग, त्याग न किया हो. एक प्रकार से जवानी जेलों में खपा दी. ऐसे वीरों को हम नमन करते हैं

कोरोना महामारी के बीच 130 करोड़ देशवासियों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया. आत्मनिर्भर भारत देशवासियों के मन-मस्तिष्क में छाया है. ये आज सिर्फ शब्द नहीं रहा, बल्कि 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है.

सिर्फ कुछ महीना पहले तक N-95 मास्क, PPE किट, वेंटिलेटर ये सब हम विदेशों से मंगाते थे. आज इन सभी में भारत, न सिर्फ अपनी जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आया है.

वोकल फॉर लोकल, री-स्किल और अप-स्किल का अभियान, गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालों के जीवनस्तर में आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का संचार करेगा.

सभी गांवों में 1000 दिनों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क होगा. आत्म निर्भर भारत की एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है. आत्मनिर्भर कृषि क्षेत्र और आत्मनिर्भर किसान. गरीबों के खाते में सीधे 90,000 करोड़ ट्रांसफर किये. 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज दिया.

देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं. कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हज़ार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं.

ईज ऑफ लिविंग मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ा लाभार्थी होगा. आधारभूत संरचना में नई क्रांति लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों की 7,000 परियोजनाओं की पहचान की गई है.

किसान अब अपने उत्पादों को दुनिया में कहीं भी और अपनी शर्तों पर बेचने में सक्षम हैं. स्वतंत्र भारत की मानसिकता 'स्थानीय के लिए मुखर' होनी चाहिए. हमें अपने स्थानीय उत्पादों की सराहना करनी चाहिए, यदि हम ऐसा नहीं करते हैं तो हमारे उत्पादों को बेहतर करने का अवसर नहीं मिलेगा और उन्हें प्रोत्साहन नहीं मिलेगा.

आज पड़ोसी सिर्फ वह नहीं है जिसके साथ हम सीमा साझा करते हैं बल्कि वे भी जिनके साथ हमारा दिल जुड़ा हुआ है, जहां संबंधों में सामंजस्य है. मुझे खुशी है कि पिछले कुछ समय में भारत ने सभी देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत किया है.

यह एक वर्ष जम्मू-कश्मीर के लिए विकास की नई यात्रा का वर्ष है. यह एक वर्ष जम्मू और कश्मीर में महिलाओं और दलितों को मिले अधिकारों का वर्ष है. यह एक साल जम्मू-कश्मीर में शरणार्थियों के लिए सम्मान की जिंदगी का साल भी है.

आज भारत में तीन टीके परीक्षण चरणों में हैं. जैसे ही वैज्ञानिक हरी झंडी देंगे, देश अपने बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर देगा.

एलओसी से लेकर एलएसी तक जिसने भी हमारे देश की संप्रभुता की ओर आंखें उठाने की कोशिश की, हमारे जवानों ने उसी युद्धाभ्यास में इसका जवाब दिया. 

लाल किले की प्राचीर से बोले पीएम मोदी, आज का दिन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का दिन

First published: 15 August 2020, 8:59 IST
 
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