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भारत ने LAC पर बढ़ाया सर्विलांस, इजरायली हेरोन ड्रोन कर रहा है निगरानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 June 2020, 10:16 IST

पूर्वी लद्दाख में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ संघर्ष के बीच भारत ने इस क्षेत्र की तकनीकी ड्रोन निगरानी बढ़ा दी है. साथ ही इस क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की अधिक बटालियन को शामिल किया गया है. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार सेना के सपोर्ट में ITBP बटालियनों को शामिल करने का निर्णय 20 जून को डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन इंडिया, लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह और महानिदेशक (ITBP और BSF) एस एस देसवाल के लेह की जमीनी स्थिति के बारे में जानकारी के बाद लिया गया.

भारत ने एलएसी पर स्पेशल माउंटेन फाॅर्स को भी तैनात किया है. केंद्र सरकार ने चीन की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए सेना को खुली आज़ादी दी है. मिलिट्री और नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) को क्षेत्र में अधिक सर्विलांस ड्रोन तैनात करने के लिए कहा गया है. सेना को अधिक ड्रोन खरीदने के लिए उच्चतम स्तर पर मंजूरी दी गई है. वर्तमान में एनटीआरओ द्वारा इजरायल हेरोन ड्रोन का इस्तेमाल तकनीकी निगरानी के लिए किया जा रहा है. भारत अमेरिका से भी आर्म्ड ड्रोन हासिल करना चाहता है.


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रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि आईटीबीपी पूर्वी लद्दाख में 1547 किलोमीटर एलएसी के साथ सभी 65 पेट्रोलिंग पॉइंट पर गश्त कर रही है, जिससे चीन को क्षेत्र में घुसने का कोई भी मौका न दिया जाए. आईटीबीपी के साथ-साथ उत्तरी मोर्चे पर लड़ने के लिए पिछले कई सालों से प्रशिक्षित विशेष बलों को अब सीमा पर तैनात किया गया है. भारतीय माउंटेन सैनिकों को गुरिल्ला युद्ध और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, जैसा कि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान देखा गया था.

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First published: 23 June 2020, 10:11 IST
 
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