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पाक से मांगे गए सबूत पर भारत ने कहा- 'कार्रवाई योग्य जानकारी' की मांग सिर्फ एक 'झूठा बहाना'

न्यूज एजेंसी | Updated on: 20 February 2019, 7:55 IST

भारत ने मंगलवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के पुलवामा आतंकी हमले के संबंध में उन आक्षेपों को 'फर्जी आरोप' कह कर खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि हमले के बाद भारत की ओर से प्रतिक्रिया आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए होगी. भारत ने इसके साथ ही पाकिस्तान से हमले के साजिशकर्ताओं के खिलाफ 'विश्वसनीय और पारदर्शी कार्रवाई' करने की मांग की.

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में इस हमले के संबंध में खान के 'कार्रवाई योग्य जानकारी' की मांग को एक 'झूठा बहाना' बताया. इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को अपने क्षेत्र में संचालित आतंकी समूहों, अन्य आतंकवादियों और पुलवामा हमले के साजिशकर्ताओं के विरुद्ध 'विश्वसनीय और पारदर्शी कार्रवाई' करना चाहिए.

खान के मंगलवार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि 'आतंकवादी हमला और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार करना पाकिस्तान का बार-बार दोहराया जाने वाला बहाना है.'

सरकार ने कहा कि यह काफी निंदनीय है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आतंकी हमले की प्रतिक्रिया के तार आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़ने के संकेत दिए.

बयान के अनुसार, "भारत इस फर्जी आरोप को खारिज करता है. भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए मॉडल है, जिसे पाकिस्तान कभी नहीं समझ सकता. पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करना बंद करना चाहिए और अपने क्षेत्र में संचालित आतंकी समूहों, अन्य आतंकवादियों और पुलवामा हमले के साजिशकर्ताओं के विरुद्ध विश्वसनीय और पारदर्शी कार्रवाई करना चाहिए."

बयान के अनुसार, "हम इससे आश्चर्यचकित नहीं हैं कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने पुलवामा में हमारे सुरक्षाबलों पर हुए हमले को आतंकवादी कार्रवाई नहीं माना. उन्होंने न ही इस जघन्य कार्य की निंदा की और न ही पीड़ित परिवारों के प्रति शोक जताया."

बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने उस दावे को नजरअंदाज कर दिया, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली है.

उन्होंने कहा, "यह सर्वविदित है कि जेईएम और इसका नेता मसूद अजहर पाकिस्तान से हैं. पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई करने के लिए यह पर्याप्त सबूत होना चाहिए. उन्होंने मामले की जांच की पेशकश की है, जोकि एक कोरा बहाना है."

खान के नई सोच के साथ नया पाकिस्तान के बयान का संदर्भ देते हुए सरकार ने कहा, "इस 'नए पाकिस्तान' में मौजूदा सरकार के मंत्री हाफिज सईद जैसे आतंकवादी के साथ सार्वजनिक मंच साझा करते हैं."

खान के इस बयान पर कि आतंकवाद पर बातचीत के लिए इस्लामाबाद तैयार है, सरकार ने कहा कि भारत ने बार-बार कहा है कि वह आतंक व हिंसा से मुक्त माहौल में समग्र द्विपक्षीय वार्ता का हिमायती है.

बयान के अनुसार, "पाकिस्तान का आतंकवाद से पीड़ित होने का दावा, सच्चाई से बहुत दूर है. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस बात से परिचित है कि पाकिस्तान आतंकवाद का मुख्य केंद्र है."

First published: 20 February 2019, 7:53 IST
 
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