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भारत के लिए बड़ा खतरा, पाकिस्तान 15 एकड़ के ट्रेनिंग सेंटर में तैयार कर रहा 'नन्हें जिहादी'

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 July 2018, 9:58 IST

पाकिस्तान में चुनावों की हलचल खत्म हो गई है. पाकिस्तान की आवाम ने क्रिकेट से राजनीति में आए इमरान खान को अपना नया नेता चुना है. लेकिन पाकिस्तान की सत्ता बदलने से भी भारत की मुश्किलें ख़त्म होती नहीं दिख रही है. भारत के लिए पाकिस्तान में एक बड़ा ख़तरा पनप रहा है.

पाकिस्तान में आतंकवादियों का संगठन जैश-ए-मोहम्मद ट्रेनिंग सेंटर बना रहा है, जहां जिहाद की ट्रेनिंग दी जाएगी. पाकिस्‍तान के बहावलपुर में 15 एकड़ जमीन पर ये ट्रेनिंग सेंटर बनाया जा रहा है. इन सेंटर्स में हजारों बच्चों को जिहाद के नाम पर कुर्बान होना सिखाया जाएगा. फर्स्टपोस्ट की खबर के अनुसार, पकिस्तान के पंजाब सूबे में बहावलपुर में एक बही बिल्डिंग बनाई जा रही है.

खबरों के अनुसार, मालूम होता है कि ये इमारत जैश-ए-मोहम्मद की मौजूदा ईमारत से भी बड़ी है. बताया जा रहा है कि तीन महीने से इस इमारत को बनाया जा रहा है. गौरतलब है कि पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी को जैश ने समर्थन दिया था और इतना ही नहीं चुनावों में नवाज शरीफ की दावेदारी कमजोर करने के लिए जैश ने जोरदार प्रचार भी किया था. सरकारी कागजातों से पता चला है कि बहावलपुर कॉम्‍प्‍लैक्‍स के लिए सीधे मसूद अजहर ने जमीन खरीदी है.

फर्स्‍टपोस्‍ट की खबर के अनुसार, इस ट्रेनिंग सेंटर में स्विमिंग पूल, तीरंदाजी रेंज और खेल का मैदान भी तैयार किया जाएगा. इस बिल्डिंग में फायरिंग रेंज भी बनाई जा रही है. जहां पर छोटे बच्चों को आतंक का खेल सिखाया जाएगा. 

हज जाने वालों से लिए गए आतंक की फैक्ट्री बनाने के पैसे

इस ईमारत को बनाने के लिए हज जाने वालों से पैसे लिए गए थे. इसके लिए उशर के सहारे भी पैसे जुटाए गए. उशर एक तरह का सरचार्ज है जो कि फसल उत्पादन पर देना होता है. ये सरचार्ज शहीदों, धार्मिक लड़ाकों की मदद के लिए लिया जाता है. अल रहमत नाम के ट्रस्‍ट ने उशर जुटाने के लिए प्रचार किया था.

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जैश के नेताओं ने जिहाद को शरिया का आदेश बाटा कर लोगों से पैसे वसूले. और इस इमारत को बनवाने के लिए राशि जुटाई. गौरतलब है कि जैश भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है. 2001 संसद हमले और 2016 पठानकोट हमले का मास्‍टमाइंड जैश पहले से ज्यादा एक्टिव हो गया है. ऐसे में भारत के लिए माहौल गंभीर हो गया है. पाकिस्तान की सत्ता बदलने से इन आतंकी संगठनों की सक्रियता पर क्या असर पड़ेगा ये भविष्य का सवाल है.

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First published: 28 July 2018, 9:58 IST
 
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