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भारत ने दी दलाई लामा को अरुणाचल दौरे की इजाजत, चीन कर सकता है विरोध

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 October 2016, 15:20 IST
(कैच)

केंद्र की मोदी सरकार ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश के दौरे की इजाजत दे दी है. उनका यह दौरा अगले साल 2017 के शुरू में प्रस्तावित है.

इस मुद्दे पर भारत-चीन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के इस कदम से चीन भड़क सकता है, क्योंकि कुछ दिनों पहले अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा के अरुणाचल प्रदेश के दौरे से चीन बौखला गया था.

चीन ने सोमवार को कहा था कि वह रिचर्ड वर्मा के अरुणाचल प्रदेश दौरे का सख्त विरोध करता है, क्योंकि यह भारत और चीन के बीच विवादास्पद क्षेत्र है.

वर्मा ने तवांग फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया था. यहां तक कि चीन ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह भारत-चीन सीमा विवाद में हस्तक्षेप न करे. अगर ऐसा होता है तो विवाद और उलझेगा तथा काफी जद्दोजहद के बाद सीमा पर बनी शांति प्रभावित होगी.

वहीं भारत के विदेश विभाग के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा था कि अमेरिकी राजदूत के अरुणाचल दौरे में कुछ भी असामान्य नहीं है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है.

भारत की इस प्रतिक्रिया के बाद चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियू कांग ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि चीन अमेरिकी राजदूत के दौरे का कड़ा विरोध करता है. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका से कहा कि वह भारत-चीन सीमा विवाद में हस्तक्षेप करना पूरी तरह से बंद करे.

गौरतलब है कि अमेरिकी राजदूत अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के निमंत्रण पर 22 अक्तूबर को तवांग के दौरे पर गए थे. चीनी प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी राजदूत ने जिस क्षेत्र का दौरा किया वह विवादित है.

चीन अरुणाचल प्रदेश के दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता है और वह भारतीय नेताओं, विदेश अधिकारियों और दलाई लामा के इस क्षेत्र के दौरे का विरोध करता रहा है. इसके अलावा चीन अरुणाचल प्रदेश पर भी अपना दावा करता है और इसे भारत का हिस्सा नहीं मानता है.

First published: 27 October 2016, 15:20 IST
 
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