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पाकिस्तान का मीडिया उत्तेजना में, भारत के दावे को किया खारिज

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 30 September 2016, 12:31 IST

गुरुवार को लाइन ऑफ कंट्रोल पर सर्जिकल स्ट्राइक के दावे की ख़बर भारत और पाकिस्तान के मीडिया में सबसे बड़ी सुर्खी है. मुख्यधारा की कमोबेश सभी भारतीय और पाक मीडिया ने अपनी-अपनी सेना के बयानों को सबसे बड़ी ख़बर बनाया है.

जहां भारतीय मीडिया में खबरों का टोन उरी में मारे गए 18 जवानों का बदला के रूप में हैं तो वहीं पाकिस्तानी मीडिया पाकिस्तानी सेना के हवाले से इस दावे को झूठा करार दे रहा है. पाकिस्तान के ज्यादातर अखबारों ने लिखा है कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अपने ही नागरिकों को बेवकूफ़ बना रहा है.

पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी अख़बार डॉन ने लिखा है कि क्या यह सचमुच सर्जिकल स्ट्राइक थी? अख़बार के मुताबिक भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में फायरिंग की जिसमें पाकिस्तानी सेना के दो जवान मारे गए. भारतीय सेना इसी फायरिंग को आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक बता रही है. विदेशी मामलों के प्रवक्ता नफ़ीस ज़कारिया के हवाले से डॉन ने लिखा है, 'भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अपने लोगों को बेवकूफ़ बनाने की कोशिश कर रहा है.'

कमोबेश सभी भारतीय और पाक मीडिया ने अपनी-अपनी सेना के बयानों को सबसे बड़ी ख़बर बनाया है

पाकिस्तान के एक और बड़े मीडिया समूह एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने भारत और सेना के खिलाफ बेहद कड़वी भाषा का इस्तेमाल करते हुए इसे तमाशा करार दिया है. अख़बार ने लिखा है, 'उरी हमले के बाद मीडिया की तरफ से बनाए गए उन्मादी माहौल को शांत करने के लिए नरेंद्र मोदी प्रशासन ने गुरुवार को एक सुनियोजित ड्रामा किया.'

उर्दू अख़बार जंग ने आईएसपीआर के डीजी असीम बाजवा के हवाले से लिखा है, 'भारत के इस उकसावे का पाकिस्तान ज़िम्मेदारी से जवाब देगा.'

उर्दू अख़बार रोज़नामा दुनिया ने दो भारतीय जवानों की गिरफ़्तारी के साथ-साथ सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को झूठ का पुलिंदा करार दिया है. अख़बार ने पाकिस्तानी सेना के हवाले से कहा है, 'बिना किसी उकसावे के सीमापार से हुई गोलीबारी में दो पाकिस्तानी फौजी शहीद हुए हैं.'

दुनिया ऑनलाइन ने लिखा है, 'पाक फौज ने भारत का सर्जिकल स्ट्राइक का दावा खारिज कर दिया. आर्मी चीफ़ के दावे को भी प्रमुखता से जगह देते हुए लिखा गया है, 'सर्जिकल स्ट्राइक का भारतीय दावा बेबुनियाद.'

सरहद के इइस पार भारतीय अख़बारों में भी अपनी सेना के दावे को सबसे प्रमुखता दी गई है. इंडियन एक्स्प्रेस ने पहले पन्ने की हेडलाइन में लिखा है, 'इंडिया स्ट्राइक्स' यानी भारत का पलटवार.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने पहले पन्ने पर लिखा है कि पाकिस्तान ने अपनी हद लांघी और भारतीय सेना ने एलओसी. हिन्दुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि एलओसी पर बने आतंक के अड्डों पर भारत ने चोट पहुंचाई.

हिंदी के प्रमुख अखबार दैनिक जागरण ने 'उरी का बदला' जैसा उत्तेजक शीर्षक से इस खबर को अपनी लीड बनाई है.

First published: 30 September 2016, 12:31 IST
 
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