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के-4 मिसाइल क्लब में शामिल भारत

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST

के-4 मिसाइल क्लब में शामिल होने वाला भारत 5वां देश बन गया है. बुधवार को आईएनएस अरिहंत पनडुब्बी के जरिए मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया. मिसाइल की मारक क्षमता 3,500 किलोमीटर है.

साथ ही के-4 दो हजार किलोग्राम गोला-बारूद अपने साथ ले जाने में सक्षम है. बंगाल की खाड़ी में अज्ञात जगह से मिसाइल को लॉन्च किया गया.

परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइल

स्वदेश में विकसित के-4 मिसाइल परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम हैं. के-4 मिसाइल का नाम पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया है. के-4  मिसाइल का कोड नेम है.

मिसाइल की कामयाब लॉन्चिंग के साथ ही भारत पानी के भीतर मिसाइल दागने की ताकत रखने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है. इससे पहले ये तकनीक अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन के ही पास थी.

मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत के परमाणु हथियार कार्यक्रम को और ज्यादा मजबूती मिलेगी. के-4 मिसाइल को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन यानी डीआरडीओ ने विकसित किया है.

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अग्नि से बेहतर है के-4 मिसाइल

इसके साथ ही भारत ने जमीन, हवा और पानी के भीतर से लंबी दूरी की न्यूक्लियर मिसाइल दागने की क्षमता विकसित कर ली है. के-4 बैलेस्टिक मिसाइल को पानी के भीतर 20 फीट नीचे से भी दागा जा सकता है.

आइएनएस अरिहंत पनडुब्बी को एक बार में चार के-4 मिसाइल से लैस किया जा सकता हैं. अब डीआरडीओ के सीरीज की तीन और मिसाइलों को विकसित करने पर काम कर रहा है.

अगले कुछ साल में सेना, एयरफोर्स और नेवी को के-4 की सेवाएं हासिल हो सकेंगी. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि के-4 मिसाइल अग्नि मिसाइल के मुकाबले कई गुना बेहतर है. मिसाइल को खास तौर पर आईएनएस अरिहंत पनडुब्बी के लिए ही विकसित किया गया है.

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First published: 14 April 2016, 2:39 IST
 
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