Home » इंडिया » India to buy technology with an Israel firm Cellebrite, which will unlock any encrypted or locked phone
 

सरकार ला रही ऐसी तकनीक जो कर देगी हर मोबाइल को अनलॉक

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 November 2016, 19:51 IST

दुनिया का कितना भी एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित स्मार्टफोन ही क्यों न हो, आने वाले वक्त में देश में इसको अनलॉक करना मुश्किल काम नहीं रहेगा. सरकार एक ऐसी तकनीक लाने जा रही है जिससे आईफोन समेत दुनिया के सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले स्मार्टफोन का लॉक तोड़ देना चुटकियों का काम हो जाएगा.

इसके साथ ही देश की फॉरेंसिक सुविधाएं इतनी उन्नत हो जाएंगी कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए हाई सिक्योरिटी डिवाइसों को खोलना आसान हो जाएगा. 

गुजरात के गांधीनगर स्थित देश का प्रमुख फॉरेंसिक संस्थान द फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) इस तकनीक को इस्रायल की कंपनी कैलेब्राइट से खरीदने जा रही है. गौरतलब है कि यह वही कंपनी है जिससे एक आतंकी का आईफोन अनलॉक करवाने के लिए अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने संपर्क किया था.

जानिए कैसे कंप्यूटर से करें टूटे हुए स्मार्टफोन को इस्तेमाल

इस्रायल की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस डिजिटल फॉरेंसिक कंपनी ने दुनिया की कई प्रमुख खुफिया और कानूनी एजेंसियों के साथ काम किया है. 

बता दें कि बीते साल दिसंबर में कैलिफोर्निया के सैन बर्नेंडिनो में अपनी पत्नी के साथ 14 लोगों की हत्या करने वाले सईद फारूक के आईफोन को अनलॉक करने को लेकर एफबीआई और एप्पल में काफी विवाद हुआ था. बाद में एफबीआई ने कैलेब्राइट को लाखों डॉलर देकर इस फोन को अनलॉक करवाया था. 

अब भारत की एफएसएल इस कंपनी से मोलभाव कर रही है ताकि काफी उच्च डिक्रिप्शन टेक्नोलॉजी को हासिल किया जा सके. 

जानिए बिना होम बटन दबाएं कैसे अनलॉक करें आईओएस 10

एक वरिष्ठ एफएसएल अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर एक मीडिया हाउस को बताया, "हम करीब एक महीने में इस तकनीक को हासिल कर लेंगे. जिन मामलों में कानून फोन को अनलॉक करने में असफल साबित होता है, भारत ऐसे देशों के लिए एक वैश्विक ठिकाना साबित होगा"

अधिकारी ने आगे बताया कि आईओएस 8 या इससे ऊपर के वर्जन वाले आईफोन जैसी डिवाइसों को बिना इस तकनीक के तोड़ना तकरीबन असंभव है. आईफोनों को अनलॉक करने के दौरान अंदाजा लगाकार पासकोड डालने में अगर यह गलत होता है तो फोन का डाटा डिलीट हो या इसके बर्बाद होने का खतरा रहता है.

एक अन्य अधिकारी के मुताबिक, "कुछ मामलों में एफएसएल ने इस्रायल की इस कंपनी की मदद ली है. लेकिन अब हमें यह पूरा टूल ही मिल जाएगा. केवल एफएसएल गांधीनगर के पास ही यह तकनीक होगी. देश की अन्य फॉरेंसिक लैबों से यहां लॉक्ड डिवाइसों को खोलने के लिए आने वाले आवेदनों के बदले एक शुल्क लिया जाएगा."

First published: 3 November 2016, 19:51 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी