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एक सूचकांक गुलामी का: शीर्ष पर भारत

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(फाइल फोटो)

ऑस्ट्रेलिया की मानवाधिकार संस्था 'वाक फ्री फाउंडेशन' की ओर से जारी 2016 ग्लोबल स्लेवरी इंडेक्स (वैश्विक गुलामी सूचकांक) में भारत पहले पायदान पर है. संस्था के आंकड़ों के मुताबिक भारत में बंधुआ मजदूरी, वैश्यावृत्ति और भीख जैसी आधुनिक गुलामी के शिकंजे में एक करोड़ 83 लाख 50 हजार लोग जकड़े हुए हैं.

दुनिया भर में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 4 करोड़ 58 लाख लोग गुलामी के इन आधुनिक तरीकों की गिरफ्त में हैं. दो साल पहले 2014 में यह तादाद 3 करोड़ 58 लाख थी.

हालांकि, आबादी के अनुपात के हिसाब से उत्तर कोरिया में इसकी व्यापकता सबसे ज्यादा है. वहां, आबादी का 4.37 प्रतिशत हिस्सा आधुनिक गुलामी की गिरफ्त में है. वर्ष 2014 की पिछली रिपोर्ट में भारत में आधुनिक गुलामी में जकड़े लोगों की तादाद 1 करोड़ 43 लाख बताई गई थी.

एशियाई देश गुलामी इंडेक्स में सबसे ऊपर

रिपोर्ट के अनुसार आधुनिक गुलामी सभी 167 देशों में किसी न किसी रूप में पाई गई है. इसमें शीर्ष पांच देश एशिया के हैं. भारत इसमें पहले स्थान पर है. भारत के बाद चीन (33 लाख 90 हजार), पाकिस्तान (21 लाख 30 हजार), बांग्लादेश (15 लाख 30 हजार) और उज्बेकिस्तान (12 लाख 30 हजार) का स्थान है.

इन पांच देशों में कुल मिलाकर 2 करोड़ 66 लाख लोग गुलामी में बंधे हैं, जो दुनिया के कुल आधुनिक गुलामों का 58 फीसदी है. इंडेक्स में आबादी के अनुपात में गुलामों की तादाद के आधार पर 167 देशों का क्रम तय किया गया है.

गुलामी इंडेक्स में यूरोपीय देश नीचे

आबादी के अनुपात में जिन देशों में सबसे कम आधुनिक गुलामी का आकलन किया गया है उनमें लक्जेमबर्ग, नार्वे, डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, स्वीडन, बेल्जियम, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं.

वहीं, आबादी के अनुपात में जिन देशों में सबसे ज्यादा आधुनिक गुलामी का आकलन किया गया है उनमें उत्तर कोरिया, उज्बेकिस्तान, कंबोडिया, भारत और कतर हैं.

आधुनिक गुलामी में शोषण के उन हालात को रखा गया है, जिससे धमकी हिंसा, जोर-जबरदस्ती, ताकत का दुरुपयोग या छल-कपट के चलते लोग नहीं निकल सकते हैं. 

First published: 31 May 2016, 5:30 IST
 
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