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OIC में 50 साल पहले भारत की हुई थी बेइज्जती, पाकिस्तान था इसका कारण

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 March 2019, 14:11 IST

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल ही में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की हुई बैठक में हिस्सा लिया था. इस दौरान उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठक के उद्घाटन सत्र को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित किया. इस बैठक में सुषमा स्वराज ने इस्लामिक देशों के संगठन में आतंक के खिलाफ लड़ने की बात रखी थी.  इसके तहत उन्होंने  इस्लाम का मलतब समझाया था. 

इस्लामिक समूह की 57 सदस्यीय बैठक में उन्होंने कहा था, "जैसे की इस्लाम का मतलब अमन है और अल्लाह के 99 नामों में से किसी का मतलब हिंसा नहीं है . इसी तरह दुनिया के सभी धर्म शांति, करुणा और भाईचारे का संदेश देते हैं ."

जिस बैठक में भारत को इतनी ज्यादा इज्जत मिल रही है. उस बैठक में आज से 50 साल पहले भारत की बेइज्जती हुई थी और इस बेइज्जती का कारण था पाकिस्तान. OIC संगठन की स्थापना 1969 में हुई थी. पाकिस्तान इसका संस्थापक सदस्यों में से एक था . इस संगठन की पहली बैठक 1969 में मोरक्को के रबात शहर में हुई थी.

इंदिरा गांधी  1969 में भारत की प्रधानमंत्री थीं.  इस दौरान OIC की पहली बैठक मोरक्को में हुई थी. इस दौरान भारत के राजदूत गुरबचन सिंह से कहा कि किसी तरह से भारत को इस संगठन का न्योता मिलना चाहिए . इसके लिए प्रयास किए जाएं, जिसके बाद गुरबचन सिंह के प्रयासों से भारत को OIC के पहले स्थापना सम्मेलन में आमंत्रित किया गया. इस आमंत्रण को इंदिरा गांधी ने स्वीकार किया और अपनी कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री फखरुद्दीन अली अहमद को इस सम्मेलन में भारत के प्रतिनिधि के तौर पर भेजा.

बताया जाता है कि जब फखरुद्दीन अली अहमद सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मोरक्को पहुंचे तो पाकिस्तान के तत्कालीन तानाशाह याहया खान ने ओआईसी को धमकी दे दी. उन्होंने कहा कि यदि भारत को इस सम्मेलन में बुलाया गया तो पाकिस्तान सम्मेलन का बहिष्कार कर देगा.

पाकिस्तान इस संगठन का संस्थापक सदस्य था, इस कारण सम्मेलन शुरू होने से कुछ देर पहले ही भारत को दिया गया निमंत्रण वापस ले लिया गया, लेकिन इस बात से अहमद तब अवगत हुए जब वह रबात शहर के अपने होटल से सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए निकल चुके थे. पाकिस्तान की हरकत के कारण उन्हें दरवाजे से ही वापस लौटना पड़ा.

आज इस घटना को हुए पूरे 50 साल हो गए हैं. पाकिस्तान ने इस बार भी वही हालात बनाए, लेकिन इस बार ओआईसी ने पाकिस्तान के बहिष्कार की धमकी को दरकिनार कर दिया. इसके साथ ही मेजबान संयुक्त अरब अमीरात ने न केवल भारत को इसमें शामिल होने का न्योता दिया बल्कि उसे विशिष्ठ अतिथि का दर्जा भी दिया. 

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First published: 3 March 2019, 14:11 IST
 
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