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अमेरिका से पंगा लेने को तैयार PM मोदी, ट्रंप की धमकी के बाद भी ईरान से जारी रहेगा तेल आयात

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 October 2018, 10:27 IST

अमेरिकी राष्ट्रपति की ईरान से तेल आयात न करने की धमकी के बाद भी भारत ईरान से तेल आयात नहीं बंद करेगा. सरकारी तेल विपणन कंपनिया (ओएमसी) अमेरिका के ईरान पर लगाए गए प्रतिबन्ध के बाद भी ईरान से तेल का आयात करती रहेंगी. इस बारे में भारत के केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जानकारी दी.

अमेरिका के प्रतिबन्ध के बाद भी ईरान से तेल के आयात के संबंध में भारत के रूख को साफ़ करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ''कच्चे तेल की कीमतों में जारी वर्तमान उछाल भू-राजनैतिक उथलपुथल के कारण है, जिसमें ईरान भी शामिल है. उन्होंने कहा कि तेल की उपलब्धता कोई मुद्दा नहीं है.''

केंद्रीय मंत्री प्रधान ने इसी महीने ये घोषणा की थी कि भारत की तीन कंपनियों इंडियन ऑयल कारपोरेशन और मंगलोर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने ईरान से 12.5 करोड़ टन कच्चे तेल का ऑर्डर पहले ही दे दिया है. गौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर प्रतिबंध चार नवंबर से लागू हो जाएगा. लेकिन ट्रंप की धमकी के बाद भी भारत ईरान से तेल का निर्यात करेगा. भारत इस बात पर भी विचार कर रहा है कि वो कच्चे तेल के लिए र्इरान से रुपए में व्यापार करे. गौरतलब है कि ईरान वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही में भारत के लिए तीसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक रहा है. 2019 में भारत ने र्इरान से 81 लाख टन कच्चा तेल का आयात किया था.

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र्इरान से तेल आयात के मुद्दे पर अमरीकी प्रवक्ता ने कहा, ''जब भारत द्वारा र्इरान से कच्चा तेल खरीदने या S-400 सिस्टम खरीदने के खबर सुनते है तो हमें लगता है कि ये मददगार नहीं है. अमेरिकी सरकार इस पर पूरी सतर्कता से नजर बनाए हुए है."

गौरतलब है कि भारत अपनी कुल खपत का 80 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. अमेरिका के प्रतिबन्ध के बाद देश की तेल विपणन कंपनियों ने पहले ही नंवबर माह के लिए करीब 40 लाख बैरल कच्चे तेल के लिए सऊदी अरब आॅर्डर दिया है. ताकि र्इरान से कम तेल की आयात की भरपार्इ करे. इस बारे में पीएम मोदी ने भी 10 फीसदी कच्चे तेल के आयात में कटौती को लेकर उच्चस्तरीय बैठक बुलाया था.

First published: 17 October 2018, 8:47 IST
 
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