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जेएस खेहर बनेंगे देश के पहले सिख चीफ जस्टिस, जानिए 4 बड़े फ़ैसले

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
(फाइल फोटो)

आजादी के 69 साल बाद देश को पहला सिख चीफ जस्टिस मिलने जा रहा है. अगले साल जस्टिस जगदीश सिंह खेहर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश की कुर्सी संभालेंगे. 

4 जनवरी 2017 को जस्टिस खेहर देश के 44वें चीफ जस्टिस बनेंगे. इस पद तक पहुंचने वाले वे सिख समुदाय के पहले शख्स हैं. वर्तमान चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने खेहर को नया सीजेआई बनाने की सिफारिश की है.

4 जनवरी 2017 को संभालेंगे पदभार  

टीएस ठाकुर अगले साल 3 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं. 4 जनवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जस्टिस जेएस खेहर को चीफ जस्टिस की शपथ दिलाएंगे. उनका कार्यकाल तकरीबन आठ महीने का होगा. जस्टिस खेहर 27 अगस्त 2017 को सेवानिवृत्त होंगे.

एलएलएम में गोल्ड मेडलिस्ट जस्टिस खेहर का जन्म 28 अगस्त 1952 को हुआ था. वे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट कोर्ट में वकालत कर चुके हैं. इसके साथ ही वे कर्नाटक और उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं.

जस्टिस खेहर के 4 बड़े फैसले

1. जस्टिस खेहर की ही अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने जजों की नियुक्ति पर मोदी सरकार को करारा झटका दिया था. जस्टिस खेहर की बेंच ने मोदी सरकार के बनाए राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) कानून को खारिज कर दिया था.

2. इसी साल 13 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट ने नबाम तुकी की कांग्रेस सरकार को बहाल करने का आदेश दिया था. जस्टिस खेहर राष्ट्रपति शासन को रद्द करने का आदेश देने वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच के अध्यक्ष थे.

3. निवेशकों के बकाया 24 हजार करोड़ रुपये को लेकर सेबी और सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय का विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. सुब्रत राय को जेल भेजने वाली बेंच के भी जस्टिस खेहर सदस्य थे.

4. जस्टिस खेहर ने मजदूरों और कर्मचारियों के लिए 'समान कार्य, समान वेतन' का भी आदेश दिया था.

रोहतगी को बताई थी लक्ष्मण रेखा

26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर जस्टिस खेहर की तल्ख टिप्पणी भी सुर्खियों में रही थी. अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी के भाषण का जवाब देेेते खेहर ने कहा था कि न्यायपालिका अपनी लक्ष्मण रेखा में काम कर रही है. 

जस्टिस खेहर ने कहा था, "न्यायपालिका को सभी व्यक्तियों, नागरिकों और गैर-नागरिकों को सत्ता के भेदभाव और दुरुपयोग से बचाने का अधिकार दिया गया है. न्यायपालिका की सक्रियता के कारण ही नागरिकों की स्वतंत्रता, समानता और गरिमा इतनी विकसित हो सकी है."

ऐसे में जस्टिस खेहर की बतौर चीफ जस्टिस नियुक्ति के बाद न्यायपालिका और केंद्र सरकार के बीच संबंधों पर विश्लेषकोें की खास नजर रहेगी.

First published: 7 December 2016, 10:32 IST
 
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