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हनीट्रैप की जाल में एयरफोर्स का ग्रुप कैप्टन, ISI की महिला एजेंट को बताई खुफिया जानकारी !

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 February 2018, 9:05 IST
(defencelover.in)

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन को खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. शक है कि गिरफ्तार किए गए ग्रुप कैप्टन ने पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी ISI को खुफिया जानकारी दी है. गिरफ्तार किए गए ग्रुप कैप्टन का नाम अरुण मारवाह है.

वायुसेना की काउंटर इंटेलीजेंस शाखा ने ग्रुप कैप्टन को जासूसी में लिप्त रहने और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोप में हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया है. वायुसेना मुख्यालय में तैनात ग्रुप कैप्टन से दस दिन तक पूछताछ करने के बाद बुधवार को दिल्ली पुलिस के हवाले किया गया है.

अरुण मारवाह पर व्हाट्सएप के जरिये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की एक महिला एजेंट को विशेष दस्तावेज लीक करने का आरोप है. बताया जा रहा है कि ग्रुप कैप्टन की उस महिला से सोशल मीडिया के जरिये ही दोस्ती हुई थी. यह भी जांच की जा रही है कि ग्रुप कैप्टन कहीं पाकिस्तान द्वारा बड़े पैमाने पर चलाई जा रही जासूसी मुहिम का हिस्सा तो नहीं हैं.

ग्रुप कैप्टन मारवाह पर आरोप है कि वो कई महीनों से आईएसआई की महिला एजेंट के साथ सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में थे. अरुण मारवाह को 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है. अरुण मारवाह पर ये भी आरोप है कि वह एयरफोर्स हेडक्वार्टर में अपना फोन लेकर जाते थे, जो कि अनाधिकृत फोन था.

 

बाहर का फोन नहीं इस्तेमाल कर सकते अधिकारी
गौरतलब है कि एयरफोर्स के अधिकारियों को विशेष फोन दिए जाते हैं. वे बाहर के सामान्य फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. उन्हें बाहर के सामान्य फोन इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होती है. माना जा रहा है कि अरुण मारवाह अपना फोन लेकर एयरफोर्स हेडक्वार्टर के अंदर से जानकारी इकट्ठी करते थे और सोशल मीडिया के जरिए आईएसआई के एजेंट को दे रहे थे.

ऐसे चंगुल में आए अरुण मारवाह
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ISI एजेंट ने लड़की बनकर ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह से संपर्क किया. इसके बाद दोनों के बीच फोन पर लगातार चैटिंग होने लगी, फिर दोनों एक दूसरे को अश्लील मैसेज भेजते लगे. अपने जाल में फंसाने के बाद ISI एजेंट ने गोपनीय दस्तावेज की मांग की. आरोप है कि मारवाह ने कुछ गोपनीय दस्तावेज उसे मुहैया करा दिए.

हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि अरुण मारवाह ने कौन-कौन से दस्तावेज ISI को मुहैया कराए हैं. फिलहाल इसकी जांच हो रही है. एयरफोर्स ने इंटरनल जानकारी के आधार पर जांच के आदेश दिए.

जानिए क्या होता है हनीट्रैप?
हनीट्रैप जासूसी का एक तरीका है. यह किसी भी बड़ी खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसमें खूबसूरत लड़कियों का इस्तेमाल कर किसी शख्स से राज उगलवाए जाते हैं और वीडियो, तस्वीर या मैसेज के जरिए भी ब्लैकमेल किया जाता है. यह पहला मौका नहीं है कि जब सेना को कोई अधिकारी जासूसी में गिरफ्तार हुआ है. इससे पहले भी कई अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. साल 2015 में रंजीत केके नाम के एक एयरमैन को जासूसी के आरोप में गिऱफ्तार किया गया था.

First published: 9 February 2018, 9:05 IST
 
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