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'महिलाओं को बॉर्डर पर भेजा तो लगाएंगी तांक-झांक के आरोप'

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 December 2018, 11:54 IST

महिलाओं के सेना में परमानेंट कमिशन को लेकर बीते काफी समय से विवाद चल रहा है. इस मामले में अब सेना प्रमुख बिपिन रावत ने महिलाओं को लेकर विवादित बयान दिया है. बिपिन रावत का कहना है कि सेना में महिलाएं अभी बॉर्डर पर भेजने के लिए तैयार नहीं है. महिलाओं को बॉर्डर पर नहीं भेजा जा सकता है क्योंकि उन पर बच्चों की जिम्मेदारी होती है. इतना ही नहीं रावत ने कहा कि अगर महिलाओं को बॉर्डर पर जंग के लिए भेजा गया तो वो साथी सेना के जवानों पर तांक-झांक करने का आरोप लगाएंगी. इतना ही नहीं वो फ्रंटलाइन में कपड़े चेंज करने में भी सहज नहीं होंगी.

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने ये बयान न्यूज़18 से हुई बातचीत में कहा. उन्होंने ये भी कहा कि महिलाओं को बॉर्डर पर अधिकारी बनाने के भेजने में एक नुकसान ये भी है कि सेना में अधिकतर ग्रामीण पृष्टभूमि के होते हैं और वो एक महिला के आर्डर स्वीकार करने में सहज नहीं होंगे.

इसी के साथ महिलाओं को मिलने वाले मातृत्व अवकाश पर उन्होंने कहा कि सेना किसी भी कमांडिंग अफसर को इतनी लम्बी छुट्टी नहीं दे सकती. इतनी लम्बी छुट्टी देने पर विवाद खड़ा हो सकता है. किसी भी कमांडिंग अफसर को इतनी लम्बी छुट्टी देना सेना के ऑपरेशन के हित में नहीं है.

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वहीं सेना में महिलाओं की भूमिका को लेकर बिपिन रावत ने कहा कि सेना में इंजीनियर के तौर पर महिला अधिकारी हैं. वायु सेना में भी महिला अधिकारी टेक्निकल क्षेत्र में मौजूद हैं. अभी हम कश्मीर में प्रॉक्सी वॉर को लेकर बिजी हैं ऐसे में हम महिलाओं की बॉर्डर पर भूमिका के बारे में बात नहीं कर सकते. गौरतलब है कि बीते दिनों से महिलाओं को सेना में परमानेंट कमीशन की बात चल रही है.

First published: 15 December 2018, 11:50 IST
 
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