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एलओसी पार भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक, 38 आतंकवादी ढेर

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 September 2016, 12:40 IST
(सांकेतिक तस्वीर)

उरी हमले के बाद पहली बार भारतीय सेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाकिस्तानी इलाके में सर्जिकल स्ट्राइक की है. डीजीएमओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बारे में कई अहम खुलासे किए हैं. 

डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन रणबीर सिंह ने बताया कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा को पार करते हुए कई टेरर कैंपों को सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान निशाना बनाया. जिसमें आतंकियों के ठिकानों को काफी नुकसान हुआ है.

पाक डीजीएमओ को दी जानकारी

भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने् प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "मैंने पाकिस्तान के डीजीएमओ को इस बारे में जानकारी दी है कि हमने बुधवार रात को सर्जिकल हमले को अंजाम दिया. इस बारे में हमने अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया है."

बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात से गुरुवार सुबह तक तकरीबन चार घंटे की इस कार्रवाई में 38 आतंकवादी मारे गए हैं. इस दौरान सात टेरर लॉन्चिंग पैड भी तबाह करने का दावा किया जा रहा है.

उरी हमले के बाद से भारत पर लगातार पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा था. उरी में सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले को पाकिस्तान से संचालित जैश-ए-मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन पर अंजाम देने का शक है.

7 आतंकी कैंप तबाह

सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सात आतंकी ठिकानों को सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान निशाना बनाया है. हालांकि अभी इस कार्रवाई के दौरान आतंकियों को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है.

सेना का दावा है कि पाक अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी कैंपों को बड़े पैमाने पर तबाही पहुंची है.सेना सूत्रों के मुताबिक एलओसी के पार सात आतंकी लॉन्च पैड को सेना ने हमले में भारी तबाही पहुंचाई. सर्जिकल स्ट्राइक में सेना के स्पेशल पैरा ट्रूपर की मदद ली गई.

सेना सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि भारतीय सेना के विशेष बल ने बुधवार को रात में साढ़े 12 बजे से लेकर सुबह साढ़े 4 बजे के बीच सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया. इस दौरान नियंत्रण रेखा के पार 500 मीटर के इलाके से लेकर 2 किलोमीटर के दायरे में आतंकी कैंपों पर हमला किया गया.

भारतीय सेना को नुकसान नहीं

सेना की तरफ से बताया गया है कि बुधवार रात को नियंत्रण रेखा के पास हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक के के दौरान भारतीय सेना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

डीजीएमओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया, "नियंत्रण रेखा के पास लगातार घुसपैठ हो रही थी. हमारे लिए यह गहरी चिंता का विषय था. पुंछ और उरी में 11 और 18 सितंबर को हुए आतंकी हमलों में यह साफ तौर पर नजर आया था."

पाक को बार-बार आगाह किया

डीजीएमओ रणबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी देते हुए बताया, "हमने बार-बार पाकिस्तान से एलओसी पर अपने इलाके का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में न करने की अपील की. इसके बावजूद कुछ भी नहीं किया गया."

डीजीएमओ ने कहा, "इस सर्जिकल ऑपरेशन का मकसद उन आतंकियों पर हमला करना था, जो हमारे इलाके में घुसने की योजना बना रहे थे. बुधवार रात को भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तानी इलाके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया."

सर्वदलीय बैठक में एक सुर में समर्थन

इस बीच राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ ही जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भारतीय सेना की तरफ से हुई इस कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी गई है.

इस बीच केंद्र सरकार ने सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक सर्वदलीय बैठक बुलाई. गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने एक सुर में सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया. सभी पार्टियों ने सेना को बधाई देते हुए आतंकवाद के खिलाफ जंग में सरकार के साथ खड़े होने की बात कही.  

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक

इससे सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की आज सुबह बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता पीएम नरेंद्र मोदी ने की. इस बैठक में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, थलसेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग, डीजीएमओ रणबीर सिंह और विदेश सचिव एस जयशंकर भी मौजूद रहे.

बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह सभी आतंकवादियों के लिए एक सबक है. हमारे पास आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है."

First published: 29 September 2016, 12:40 IST
 
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