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सेना को मिलने वाले घटिया गोला-बारूद से बढ़ रही दुर्घटनाएं, सरकार के समाने जताई चिंता

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 May 2019, 10:11 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

सेना को मिलने वाले घटिया गोला-बारूद और युद्ध उपकरणों से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर सेना ने चिंता जताई है. सेना ने रक्षा मंत्रालय से कहा कि गोला-बारूद की वजह से हो रही दुर्घटनाओं की वजह से सैनिकों की जान जा रही है. जिसमें कुछ सैनिक घायल भी हो रहे हैं. साथ ही सैन्य उपकरणों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

बता दें कि सेना को मिलने वाली गोला-बारूद सरकार के स्वामित्तव वाली कंपनी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड द्वारा सप्लाई की जाती है. जिसमें टैंक, आर्टिलरी, एयर डिफेंस और बंदूकों सहित अन्य सैन्य उपकरण शामिल होते हैं. ओएफबी द्वारा बनाए गए सैन्य उपकरणों पर सेना की चिंता बढ़ने के बाद सूत्रों ने जानकारी दी कि इसी वजह से ओएफबी द्वारा निर्मित बहुत से गोला बारूद को लेकर सेना अपना विश्वास खोती जा रही है.

 

सूत्रों के मुताबिक, सेना ने रक्षा सचिव (उत्पादन) अजय कुमार के सामने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री द्वारा गोला-बारूद की गुणवत्ता पर ध्यान न दिए जाने को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की. बता दें कि ओएफबी की पूरे देश में 41 फैक्ट्रियां है जिनका सालाना टर्नओवर करीब 19,000 करोड़ रुपये का है. जो सेना के हथियार, गोला बारूद सहित अन्य सैन्य उपकरण सप्लाई करने का मुख्य स्रोत भी है.

सेना की इस चेतावनी के बाद खुद सेना और रक्षा सचिव ने ओएफबी के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है. क्षा सचिव उत्पादन ने सेना को अपनी शिकायतें लिखित रूप से देने को कहा है. सेना ने 15 पेजों में अपनी शिकायत प्रस्तुत की है.

प्रतीकात्मक फोटो

जिसमें कहा गया है कि फील्ड में होने वाली ज्यादातर दुर्घटनाएं 105MM की इंडियन फील्ड गन्स, 105 MM लाइट फील्ड गन्स, 130 MM MA 1 मीडियम गन्स, 40 MM L-70 एयर डिफेंस गन्स और टू-72, T-90 और अर्जुन बैटल टैंक्स जैसे सुरक्षा उपकरणों से हो रही हैं. इसके अलावा घटिया गोला बारूद की वजह से कुछ मामले 155 MM बोफोर्स गन के भी सामने आए हैं.

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First published: 14 May 2019, 10:11 IST
 
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