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पटरी पर अर्थव्यवस्था : 14 महीने बाद उद्योगों के बैंकों से कर्ज लेने में आया सुधार

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 January 2018, 12:53 IST

क्या नोटबंदी के बाद देश की अर्थव्यवस्था अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है. आरबीआई के ताज़ा आंकड़ों से सरकार के लिए एक राहतभरी खबर आयी है. 14 महीनों में पहली बार औद्योगिक क्षेत्र के क्रेडिट ग्रोथ में सुधार देखा गया है. इसका मतलब यह है कि लोग औद्योगिक क्षेत्र अब लोन ले रहे है.

भारतीय रिज़र्व बैंक के जारी आंकड़ों के अनुसार नवंबर में बैंक ऋण में 8.3 फीसदी का इजाफा हुआ है. जबकि फरवरी 2017 में बैंकों से ऋण लेने में बड़ी गिरावट आ गयी थी. यहां तक कि यह माइनस 5.2 प्रतिशत तक पहुंच गयी थी.

मार्च 2016 में 2730300 करोड़ रुपये के कारोबार के लिए बकाया क्रेडिट अक्टूबर, 2017 में घटकर 25,99,100 करोड़ रुपये हो गया था. अक्टूबर  2016 के अंत में नोटबंदी से पहले बैंक क्रेडिट में साल दर साल वृद्धि 5.9 ट्रिलियन थी और सरकारी प्रतिभूतियों में बैंक के निवेश में वृद्धि 2.1 खरब डॉलर थी. नोटबंदी के एक साल बाद अक्टूबर 2017 के अंत में बैंक क्रेडिट में बढ़ोतरी 5.3 ट्रिलियन तक गिर गई जबकि सरकारी प्रतिभूतियों में बैंक का निवेश 4.6 ट्रिलियन तक पहुंच गया था.

नोटबंदी के तात्कालिक प्रभाव से बैंकों में बड़ी संख्या में नोट जमा हो गए. जिसके बाद बैंकों के जमा में भारी वृद्धि हुई. पिछले महीने के अंत तक बैंक डिपाजिट की साल दर सालाना विकास दर 9.24% थी जो अक्टूबर 2016 के अंत में 9.25% की विकास दर के समान थी.

अक्टूबर 2016 के अंत में नोटबंदी से पहले बैंक क्रेडिट में साल दर साल वृद्धि 5.9 ट्रिलियन थी और सरकारी प्रतिभूतियों में बैंक के निवेश में वृद्धि 2.1 खरब डॉलर थी. नोटबंदी के एक साल बाद अक्टूबर 2017 के अंत में बैंक क्रेडिट में बढ़ोतरी 5.3 ट्रिलियन तक गिर गई जबकि सरकारी प्रतिभूतियों में बैंक का निवेश 4.6 ट्रिलियन तक पहुंच गया.

नोटबंदी के बाद बैंकों में बड़ी संख्या में पैसे आये लेकिन फिर भी कर्ज लेने में बड़ी गिरावट देखी गयी. सेंटर ऑफ़ मोनेटरिंग इंडियन इकॉनमी के हालही में जारी आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2017 में नोन-फ़ूड क्रेडिट सेक्टर की क्रेडिट ग्रोथ जहाँ साल 2016 के सितम्बर में 10.77 थी जो साल 2017 के सितम्बर में 6.09 पर आ गई.

जबकि पर्सनल लोन में भी गिरावट आयी है. यह एक साल में 19 .69 से 16.85 प्रतिशत पर आ गई थी. सर्विस सक्टर की बात करें तो इसके ऋण में वृद्धि सितंबर 2016 में 18.4% से घटकर एक साल बाद 6.98% हो गई. इसी तरह सितंबर 2016 में कृषि ऋण में वृद्धि 15.91% से सितंबर 2017 तक घटकर 5.76% हो गई है.

First published: 12 January 2018, 12:53 IST
 
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