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कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन को लेकर भारतीय विशेषज्ञों ने कही ये चौंकाने वाली बात

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 May 2020, 11:10 IST

Corona Virus vaccine: कोरोना वायरस (Corona Virus) ने दुनियाभऱ (Worldwide) में कोहराम मचा रखा है. ऐसे में सब को कोरोना की वैक्सीन (Corona Vaccine) आने का बेसब्री से इंतजार है. इसी बीच भारतीय विशेषज्ञों (Indian experts) ने स्वदेशी वैक्सीन बनाने को लेकर एक चौंकाने वाली बात कही है. भारतीय विशेषज्ञों ने कहा है कि फिलहाल अगले एक साल तक कोरोना की वैक्सीन आने की कोई संभावना नहीं है. बता दें कि इनदिनों भारत की कई कंपनियां कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटी हुई हैं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इन सभी कंपनियों का शोध फिलहाल प्राथमिक स्तर पर ही है इसलिए अगले एक साल के अंदर स्वदेशी वैक्सीन विकसित होने की कोई संभावना नहीं है.

कोरोना वायरस की वैक्सीन (Corona Virus Vaccine) की बनाने की कोशिशों को केंद्र सरकार भी बढ़ावा दे रही है. ऐसे में केंद्र सरकार ने पीएम केयर्स फंड से 100 करोड़ रुपये सहयोग राशि आवंटित करने की घोषणा की है. केंद्र सरकार ने वैक्सीन विकास के प्रयासों को केंद्रीय स्तर पर समन्वित करने के लिए बायोटेक्नोलॉजी विभाग को नोडल एजेंसी बनाया है. दरअसल, पिछले महीने इस बात की जानकारी मिली थी कि देश में जायड्स कैडिला दो वैक्सीन मॉड्यूल पर काम कर रही है.


जबकि, सीरम इंस्टीट्यूट बायोलॉजिकल्स-ई, भारत बायोटेक और इंडियन इम्युनोलॉजिकल्स एक-एक वैक्सीन मॉड्यूल के विकास पर काम कर रहे हैं. बता दें कि डब्ल्यूएचओ ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, जायड्स कैडिला, इंडियन इम्युनोलॉजिकल्स लिमिटेड और भारत बायोटेक को ही अधिकृत तौर पर वैक्सीन तैयार करने वाली कंपनियों की वैश्विक सूची में जगह दी है.

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देश के अग्रणी वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील का कहना है कि, "भारत की वैक्सीन उत्पादन क्षमता तो खासी तारीफ योग्य है और कम से कम तीन कंपनियां सीरम इंस्टीट्यूट, भारत बायोटेक और बायोलॉजिकल्स-ई अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन तैयार करने की लिए अहम काम कर रही हैं." उन्होंने ने कहा कि, "फिलहाल भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर शोध बेहद शुरुआती अवस्था में है और किसी भी कंपनी को पशुओं पर परीक्षण के स्तर तक पहुंचने में भी कम से कम इस साल के अंत तक का समय लगेगा."

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वहीं सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी के निदेशक राकेश मिश्रा का कहना है कि, "हम जानते हैं, हम इस समय वैक्सीन विकास की एडवांस स्टेज पर नहीं हैं. बहुत सारे आइडिया और कंपनियां वैक्सीन विकास की प्रक्रिया चालू कर चुकी हैं, लेकिन वैक्सीन उम्मीदवारों के हिसाब से परीक्षण के स्तर पर कुछ भी नहीं है." उन्होंने कहा कि, "बहुत सारी भारतीय कंपनियों ने विदेशी संस्थानों से गठबंधन किया है. अन्य देश हमसे कहीं ज्यादा एडवांस स्टेज पर हैं. कुछ परीक्षण के तीसरे चरण तक पहुंच चुके हैं. भारत में अभी तक कोई कंपनी वैक्सीन की टेस्टिंग स्टेज में नहीं है और वे तैयारी की प्री-क्लीनिकल स्टेज पर ही चल रहे हैं."

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First published: 24 May 2020, 11:10 IST
 
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