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करतारपुर जाने वाले भारतीय सिख यात्रियों को नहीं होगी पासपोर्ट की जरूरत : इमरान खान

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 November 2019, 13:33 IST

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को पाकिस्तान के पंजाब के करतारपुर में दरबार साहिब गुरुद्वारे में जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कई रियायतों की घोषणा की है. यहां सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक ने अपने जीवन के अंतिम साल बिताया. खान ने ट्वीट किया “भारत से करतारपुर की तीर्थयात्रा के लिए आने वाले सिखों को पासपोर्ट की जरूरत नहीं है, बस एक वैध आईडी की आवश्यकता है. उन्हें अब 10 दिन पहले पंजीकरण नहीं करना होगा''.

उन्होंने कहा ''इसके अलावा, उद्घाटन के दिन और गुरुजी के 550 वें जन्मदिन पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.” भारत तीर्थयात्रियों के शुल्क को पूरी तरह से माफ करने की मांग कर रहा है, लेकिन खान ने दो दिन की राहत की घोषणा की है. इस वर्ष गुरु नानक की 550 वीं जयंती है और इस अवसर पर भारत और पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. 

यह भारतीय तीर्थयात्रियों के वीजा-मुक्त आंदोलन को सुविधाजनक बनाने के लिए है, जिन्हें केवल करतारपुर साहिब की यात्रा करने की अनुमति प्राप्त करनी होगी, जिसे 1522 में सिख धर्म के संस्थापक द्वारा स्थापित किया गया था. दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि पाकिस्तान गलियारे के माध्यम से देश में प्रति दिन 5,000 सिख आगंतुकों को अनुमति देगा, जो 1947 में अपनी आजादी के बाद से दोनों पड़ोसियों के बीच पहला वीजा-मुक्त गलियारा होगा.

गलियारे का उद्घाटन 9 नवंबर को किया जाएगा जब 575 सदस्य वाला जत्था इस गलियारे को गुरुद्वारा करतारपुर साहिब तक ले जाएगा. पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और हरसिमरत कौर बादल तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे में शामिल हैं.

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First published: 1 November 2019, 13:11 IST
 
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