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आप देख रहे हैं TV पर कौन सा चैनल, सरकार की होगी नज़र

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 April 2018, 10:31 IST

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नए टीवी सेट टॉप बॉक्स में एक चिप लगाने का प्रस्ताव दिया है. इस चिप से यह पता चल पाएगा कि कौन से चैनल देखे गए और कितनी देर तक देखे गए. मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक इस प्रस्ताव का मकसद हर एक चैनल के लिए दर्शकों के 'ज्यादा विश्वसनीय' आंकड़े ( व्यूअरशिप डेटा) इकट्ठा करना है. 'इससे विज्ञापनदाता और डीएवीपी अपने विज्ञापनों पर सही तरीके से सोच-समझकर खर्च कर सकेंगे. केवल उन्हीं चैनलों को विज्ञापन मिलेगा जिन्हें व्यापक तौर पर देखा जाता है.

गौरतलब है कि डीएवीपी विभिन्न मंत्रालयों और इसके संगठनों के विज्ञापन के लिए सरकार की नोडल एजेंसी है. इस प्रस्ताव में मंत्रालय ने ट्राइ (TRAI) से कहा है कि डीटीएच ऑपरेटरों से नए सेट टॉप बॉक्स में चिप लगाने के लिए कहा जाए, यह चिप देखे जाने वाले टीवी चैनलों और उन्हें देखने समय के बारे में सटीक आंकड़े देगी.

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को ऐसा लगता है कि सरकारी चैनल दूरदर्शन की व्यूअरशिप को कम करके बताया जाता है और चिप लगाए जाने के बाद चैनल के असल व्यूअरशिप के आंकड़ों की जानकारी मिल सकेगी. इस प्रस्ताव के  लागू हो जाने से ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया (बार्क) का एकाधिकार खत्म हो जाएगा.

विभाग के अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में बार्क का एक तरह से कोई विकल्प नहीं है. बार्क यह नहीं बताता है कि व्यूअरशिप के आंकड़े उसने कैसे जुटाए, उसकी प्रक्रिया क्या है और उसने किस इलाके में सर्वे किया है. चिप लगाए जाने के बाद चैनल के असल व्यूअरशिप आंकड़ों की जानकारी मिल सकेगी और इससे ज्यादा पारदर्शिता आएगी.

इस तरह सरकार अपने आंकड़े इक्कठा कर बार्क के आंकड़ों से तुलना करेगी और यह पता कर पायेगी कि उसके आंकड़े कितने वास्तविक हैं. बार्क ने लोगों के टीवी देखने के आंकड़े जुटाने के लिए करीब 30 हजार मीटर टीवी सेट्स के मदरबोर्ड में लगवाए हैं.

First published: 16 April 2018, 10:31 IST
 
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