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फसल बीमा योजना : इंश्योरेंस कंपनी ने ठुकराए किसानों के 14,000 मुआवजे के दावे

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 March 2019, 13:41 IST

एक सार्वजनिक बीमा कंपनी ने 14,000 से अधिक दावों को खारिज कर दिया है. प्रधानमंत्री फासल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत फसल नुकसान के मुआवजे की मांग करते हुए अपनी वेबसाइट पर दावा किया है कि 95 प्रतिशत दावेदारों द्वारा नकली दावे किये गए थे. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी क्लस्टर 2 और 6 के प्रभारी हैं, जिसमें बीड, जलगांव, नासिक, उस्मानाबाद, रायगढ़, सांगली, सतारा और सोलापुर जिले शामिल हैं.

महाराष्ट्र को अलग-अलग बीमा कंपनियों के साथ समूहों में बांटा गया है जिन्हें संचालन के लिए एक या अधिक क्लस्टर सौंपे गए हैं. इन जिलों में कुल 29.62 लाख किसानों ने 2018 के लिए अपनी खरीफ फसल का बीमा कराया था. इन जिलों में किसानों से एक ही सीजन के लिए एकत्र किया गया प्रीमियम राज्य सरकार और केंद्र सरकार के साथ 119.65 करोड़ रुपये था.

हालांकि कंपनी द्वारा डाले गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि खरीफ 2018 के लिए 14,927 दावों को खारिज कर दिया गया था. बीड में सबसे अधिक 11,508, इसके बाद उस्मानाबाद में 2,596 और सोलापुर में 295 हैं. रायगढ़ जैसे अन्य जिलों में 224, जलगांव 161, नाशिक 95, सतारा 36 और सांगली 12 दर्ज किए गए.

इससे पहले एक रिपोर्ट में कहा गया था कि मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी जिले हरदा के 200 से अधिक किसानों ने एक सरकारी स्वामित्व वाली कृषि बीमा कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उनकी शिकायत थी कि दावों की गलत गणना की गई है, भुगतान गलत तरीके से कम किए गए हैं, और अनिवार्य प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया है.

देश भर के किसानों ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फरवरी 2016 में शुरू की गई प्रधान मंत्री बीमा योजना के तहत बीमा दावों का भुगतान अल्प या पूरी तरह से गैर-मौजूद रहा है, और यह कि योजना के वास्तविक लाभार्थी बीमा कंपनियां हैं.

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First published: 6 March 2019, 10:41 IST
 
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