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दुनिया के 455 विश्वविद्यालयों के विद्वान उतरे जेएनयू के समर्थन में

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 February 2016, 18:23 IST

दुनिया के 455 विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों ने एक संयुक्त बयान जारी कर के जेएनयू का समर्थन किया है. इनमें कोलंबिया, येल, हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शिक्षाविद शामिल हैं.

जेएनयू के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को पिछले हफ्ते राजद्रोह के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया. अदालत ने उन्हें पुलिस रिमाण्ड पर भेजा है.

इस बयान में कहा गया है, "जेएनयू विश्वविद्यालय की परिकल्पना का अहम प्रतीक है आलोचनात्मक चिंतन, लोकतांत्रिक विरोध, स्टूडेंट एक्टिविज्म और राजनीतिक विचारों की बहुलता जो यहां मौजूद है."

बयान में कहा गया है, "पूरी दुनिया में आलोचना के स्वर पर प्रहार और विश्वविद्यालय परिसर के अतिक्रमण की कोशिशें होती रही हैं. भारत और पूरी दुनिया में किसी खुले, सहिष्णु और लोकतांत्रिक समाज का आलोचनात्मक चिंतन और अभिव्यक्ति से सीध संबंध होता है जो विश्वविद्यालयों में विकसित होती है."

इसमें कहा गया है, "हम सभी छात्र, अध्यापक और स्कालर जेएनयू से जुड़े घटनाक्रम पर बहुत चिंता के साथ नजर बनाए हुए हैं. ऐसे में हम अपने एक साथी को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेने पर चुप नहीं रह सकते."

कुछ अज्ञात लोगों पर नौ फरवरी को जेएनयू में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी मनाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. इन लोगों पर भारत विरोधी नारे लगाने का आरोप है.

कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद जेएनयू छात्र और टीचर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ये लोग वाइस-चांसलर को विश्वविद्यालय में पुलिस कार्रवाई की अनुमति देने के लिए भी आलोचना कर रहे हैं. जेएनयू को 'राष्ट्र-विरोधी' संस्थान के रूप में पेश किए जाने का भी विरोध कर रहे हैं.

शनिवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में कन्हैया की पेशी के दौरान काले कोट पहने कुछ लोगों ने उनके समर्थन में आए लोगों के साथ मारपीट की. अदालत में पत्रकारों के साथ भी हाथापाई हुई.

First published: 16 February 2016, 18:23 IST
 
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