Home » इंडिया » International women's Day 2018: Rajsthan government bans jeans and t-shirt for girls dress code for students
 

राजस्थान: वसुंधरा सरकार ने लड़कियों से छीनी जीन्स पहनने की आज़ादी

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 March 2018, 16:22 IST

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पूरे देश और दुनिया ने आज का दिन महिलाओं को समर्पित किया है. महिला समानता और स्वतंत्रता की बातें हो रहीं हैं. महिलाओं की आज़ादी और उन्नति और लेकर कैम्पेन चलाये जा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर राजस्थान सरकार ने एक फरमान जारी किया है. इस फरमान में वसुंधरा सरकार ने लड़किओं को पसंद के कपडे पहनने पर भी पाबन्दी लगा दी.

राजस्थान सरकार ने कॉलेज जाने वाली 1 लाख 86 हजार लड़कियों पर जींस पैंट और टी शर्ट पहने पर पाबंदी लगा दी है. अब कॉलेज में स्टूडेंट्स के लिए ड्रेस कोड लागू करने फैसला किया गया है. फैसले के बाद सभी कॉलेजों में ड्रेस कोड फॉलो करना अनिवार्य हो जाएगा. ड्रेस कोड शिक्षण सत्र 2018-19 से लागू करने का फैसला किया है.

ड्रेस का रंग निर्धारित करेगा कॉलेज

राजस्थान उच्च शिक्षा विभाग के फैसले में कॉलेजों को ड्रेस का रंग निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है. लड़के और लड़कियों के लिए अलग ड्रेस कोड होगा. राजस्थान सरकार ने छात्र-छात्राओं के लिए ड्रेस कोड लागू तो कर दिया लेकिन ड्रेस कौन से रंग की होगी इसकी जिम्मेदारी कॉलेज की स्टूडेंट यूनियन और कॉलेज प्रशासन को दी गई है.

1 लाख 86 हजार लड़कियों पर असर

फैसले के बाद राजस्थान में करीब 1,86000 लड़कियों पर ड्रेस कोड का असर होगा. राजस्थान सरकार की तरफ से जारी फॉर्मेट में लड़कियों के ड्रेस के लिए सलवार कमीज और साड़ी तय की गई है. कॉलेज में अब जींस-पैंट और टी-शर्ट या फिर कोई भी फैशनेबल ड्रेस में लड़कियां नहीं दिखाई देंगी. सरकार ने कहा है यदि कोई भी छात्र नियम का पालन नहीं करता है तो उन्हें कॉलेज में आने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

उच्च शिक्षा मंत्री किरण महेश्वरी ने कहा कि अलवर और जयपुर में गुरु शिष्य संवाद में स्टूडेंट की ओर से ही ये बात सामने आई थी कि कॉलेज में पास आउट स्टूडेंट और बाहरी छात्र आ जाते हैं जिससे कॉलेज का माहौल खराब होता है और अनुशासनहीनता होती है. इन शिकायतों को देखते हुए इस बार तय किया गया है कि आगामी सत्र यानी 2018-2019 में ड्रेस कोड लागू किया जायेगा. ड्रेस कोड को लेकर पहले भी कई विश्वविद्यालयों में बवाल हो चुका है.

ये भी पढ़ें-  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: आज़ादी की जंग में इन महिलाओं ने अंग्रेज़ों के छक्के छुड़ा दिये थे

अनुशासन के लिहाज से ड्रेस कोड जरुरी
उच्च शिक्षा मंत्री किरण महेश्वरी ने कहा कि अलवर और जयपुर में गुरु शिष्य संवाद में स्टूडेंट की ओर से ही ये बात सामने आई थी कि कॉलेज में पासआउट स्टूडेंट और बाहरी छात्र आ जाते हैं जिससे कॉलेज का माहौल खराब होता है और अनुशासनहीनता होती है. इन शिकायतों को देखते हुए इस बार तय किया गया है कि आगामी सत्र यानी 2018-2019 में ड्रेस कोड लागू किया जाएगा.

ड्रेस का रंग भगवा करने के आरोपों पर महेश्वरी ने साफ किया कि सरकार ने कोई रंग तय नहीं किया है अगर स्टूडेंट कोई रंग तय करेंगे तो इसका सरकार विरोध नहीं करेगी यानी कि अगर किसी कॉलेज से भगवा ड्रेस की आवाज आती है तो ड्रेस भगवा भी हो सकती है.

First published: 8 March 2018, 15:53 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी