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INX मीडिया केस मामले में चार नौकरशाहों पर CBI ने कंसा शिकंजा तो 71 अफसरों ने लिखी पीएम मोदी को चिट्टी, बोले- होंगे खतरनाक परिणाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 October 2019, 21:18 IST

INX मीडिया केस मामले में केंद्र की मोदी सरकार ने वित्ता मंत्रालय के चार पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. जिसके बाद 71 नौकरशाहों ने पीएम मोदी को चिट्टी लिखी है. अपनी चिट्टी में पूर्व अधिकारियों ने सरकार के इस फैसले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए चार अधिकारियों के खिलाफ हो रही कार्यवाही पर चिंता व्यक्त की है. अधिकारियों ने पीएम मोदी को लिखी चिट्टी में कहा है कि सरकार द्वार इस तरह की कार्यवाही मौजूदा अधिकारियों को हतोत्साहित करेगी और आने वाले दिनों में इसके खतरनाक परिणाम होंगे.

बता दें, INX मीडिया केस की जांच कर रही सीबीआई ने केंद्र सरकार से वित्त मंत्रालय के पूर्व अधिकारियों पूर्व अवर सचिव आर प्रसाद, निदेशक प्रबोध सक्सेना, संयुक्त सचिव अनूप पुजारी और अतिरिक्त सचिव सिंधुश्री खुल्लर के खिलाफ अभियोग चलाने की इजाजत देने की मांग की थी, जिसके लिए सरकार ने सीबीआई को मंजूरी दी थी. इस मामले में देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदबंरम इस मामले में पहले ही जेल में बंद है.

जिन 71 नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री मोदी को चिठ्टी लिखी हैं उसमें ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के डीपीपी रहे मीरां बोरवनकर, पंजाब पुलिस के पूर्व अधिकारी जुलियो रिबेरो, मध्य प्रदेश की पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव रश्मि शुक्ला शर्मा हैं, जैसे बड़े अफसर शामिल हैं.

प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिठ्टी में इन अधिकारियों ने लिखा,'अपना कामकाजी जीवन सरकार की सेवा में लगाने के चलते यह मुद्दा उठाना हमारा कर्तव्य है कि वित्त मंत्रालय के चार पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का फैसला बेहद खतरनाक है.'

पूर्व नौकरशाहों ने पीएम मोदी को लिखा चिठ्टी में लिखा कि सरकार के इस कदम के कारण मौजूदा अधिकारियों को हतोत्साहन होगी. उन्होंने आगे लिखा,'यह कदम सिविल सेवकों की सबसे खराब आशंकाओं को सच साबित करता प्रतीत होता है कि उन्हें अपना कर्तव्य निभाने के लिए कोई सुरक्षा नहीं दी जाएगी. इस कदम के बाद यह कोई हैरत की बात नहीं होगी कि सिविल अधिकारी हर प्रस्ताव की जांच करने के लिए उसे लटकाए रखें, क्योंकि उनके पास कोई गारंटी नहीं है कि उन्हें कई सालों बाद आपराधिक कार्यवाही में नहीं फंसाया जाएगा.'

INX मीडिया केस को राजनीतिक बताते हुए इन अधिकारियों ने खत में लिखा,'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अधिकारी, खास तौर पर वे जो अब सेवा में नहीं हैं, उन्हें ऐसी कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा है जो राजनीतिक लाभ लेने के लिए की जा रही है. केंद्र और राज्य की सभी सत्ताओं में, चाहे उनकी राजनीतिक संबद्धता कोई भी हो, सभी इस अपराध के लिए दोषी हैं.'

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First published: 5 October 2019, 21:18 IST
 
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