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चिदंबरम को नहीं मिली राहत, 26 अगस्त तक रहेंगे सीबीआई की कस्टडी में

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 August 2019, 19:38 IST

देश के पूर्व वित्त मंत्री और गृह मंत्री पि चिदंबरम को सीबीआई की विशेष अदालत से भी बड़ा झटका लगा है.अदालत ने चिदंबरम को 26 अगस्त तक सीबीआई की हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया है. अदलात ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि चिदंबरम के वकील और उनके घरवालें इस दौरान दिन में 30 मिनट के लिए उनके मिल सकते है.अदालत के फैसले के बाद सीबीआई वापस उन्हें अपने मुख्यालय लेकर चली गई. बता दें, अदालत में सीबीआई के वकिल ने चिदंबरम की पांच दिनों की हिसारत मांगी थी.

इससे पहले कोर्ट में अपनी दलील रखते हुए चिदंबरम ने कहा कि मुझसे जो भी सवाल पूछे गए मैंने उनका जवाब दिया. कोई ऐसा सवाल नहीं है जिसका मैंने जवाब नहीं दिया. उन्होंने पूछा, अगर मेरा विदेश में बैंक खाता है, तो मैंने कहा कि नहीं, उन्होंने पूछा कि क्या मेरे बेटे का विदेश में खाता है तो मैंने कहा कि हां.


हालांकि इससे पहले जब चिदंबरम ने कोर्ट में अपना पक्ष रखने की इज्जात मांगी जिस पर सीबीआई की तरफ से कोर्ट में दलील दे रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता विरोध जताया. तुषार मेहता ने कहा कि पहले ही उनके लिए दो परिष्‍ठ वकील प्रतिनिधित्‍व कर रहे हैं जिसके जवाब में अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि दिल्‍ली हाईकोर्ट का निर्णय है जिसके अनुसार आरोपी को अपनी ओर से एक प्रतिनिधित्व करने की अनुमति देता है.

चिदंबरम की ओर से पेश हुए वकिल अभिषेक मनु सिंघवी ने अदलात में बहस के दौरान कहा कि अगर जांच एजेंसी पांच बार बुलाती है, अगर वे नहीं जाते हैं तो वह असहयोग है. असहयोग वह नहीं है जो वे सुनना पसंद करते हैं और वे जवाब नहीं दे रहे हैं.उन्‍होंने पी चिदंबरम को एक बार बुलाया और वे तुरंत गए. कहां सहयोग नहीं है. 

तुषार मेहता ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है. उनका दस्तावेजों से आमाना-सामना कराये जाने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया है और यह आरोपपत्र दाखिल करने से पहले का चरण है. तुषार मेहता ने कहा, 'इसलिए, हमें सामग्री की जरूरत है जो चिदंबरम के पास है.'

क्या है मामला

देश के पूर्व वित्त मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने INX मीडिया मामले में विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने में कथित अनियमित्ता बरती थी. जिस पर एक्शन लेते हुए सीबीआई ने साल 15 मई 2017 को15 मई 2017 को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.

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First published: 22 August 2019, 19:14 IST
 
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