Home » इंडिया » INX Media Case: Strong debate in court over remand of Karti Chidambaram
 

INX मीडिया केस : कार्ति चिदंबरम की रिमांड को लेकर अदालत में जोरदार बहस

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 March 2018, 16:50 IST

आईएनएक्स मीडिया केस मामले में पटियाला हाउस में कार्ति चिदंबरम की रिमांड बहस जारी है. सीबीआई का कहना है कि वह कार्ति की 14 दिन की रिमांड चाहती है. सीबीआई ने अदालत में कुछ गोपनीय दस्तावेज भी पेश किए और कार्ति की कस्टडी की मांग की. कार्ति के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका विरोध किया.

CBI का कहना है कि  'कार्ति और कई कंपनियों के बीच लिंक्स को लेकर हमारे पास ईमेल्स और इनवॉइस हैं. एजेंसी ने आगे कहा कि बीते दिन मेडिकल जांच के बाद कार्ति की मिली कस्टडी का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ. कार्ति चिदंबरम के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को जेल भेजने की कोई वजह नहीं है. सिंघवी ने कहा कि कस्टडी में लेकर पूछताछ का कोई आधार नहीं है.

इस पर ईडी के वकील ने कहा कि कार्ति चिदंबरम जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे हैं.वकील ने दलील दी कि कार्ति को रिहा किए जाने पर जांच की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है. इसके साथ ही सीबीआई ने जज के सामने कुछ गोपनीय दस्तावेज भी रखे, जिनके आधार पर किसी बड़ी साजिश की आशंका जाहिर की.

क्या है पूरा मामला

INX मीडिया का यह मामला 2007 है उस वक़्त पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे. आरोप है कि 2007 में चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया को विदेश से 305 करोड़ रुपये की रकम दिलाने के लिए विदेशी निवेश से जुड़े एफआईपीबी (फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड) की मंजूरी दिलाने और इस कंपनी को जांच से बचाने के लिए कार्ति ने 10 लाख रुपये लिए थे.

उस दौरान कंपनी के मालिक इंद्राणी मुखर्जी और पीटर थे. सूत्रों का कहना है कि इंद्राणी ने सीबीआई को बयान दिया है कि कार्ति ने एफआईपीबी क्लीयरेंस के लिए उनसे एक मिलियन डॉलर (6.5 करोड़ रुपये) की मांग की थी. सीबीआई ने इसी बयान को आधार बनाकर कार्ति को गिरफ्तार किया है.

First published: 1 March 2018, 16:50 IST
 
अगली कहानी