Home » इंडिया » Irom Sharmila hasn't met her mother in 16 years and won't do so until AFSPA is revoked
 

अनशन तोड़ने के बावजूद अपनी मां से नहीं मिलेंगी इरोम शर्मिला

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 August 2016, 18:11 IST

आयरन लेडी के नाम से मशहूर इरोम शर्मिला अपना अनशन तोड़ने के बावजूद अपनी मां से नहीं के फैसले पर कायम हैं. शर्मिला सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (आफ्स्पा) हटाने की मांग लेकर पिछले 16 साल से अनशन कर रही थीं.

शर्मिला अब भी अफस्पा नहीं हटने तक नाखून न काटने, बाल न संवारने, घर न जाने और अपनी मां से न मिलने के संकल्प पर डटी हैं.

इराेम इससे पहले ही एलान कर चुकी हैं कि वे अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ेंगी. अनशन तोड़ने के बाद इरोम ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री बनना चाहती हूं. 2017 के विधानसभा चुनाव में मैं लड़ूंगी. दमनकारी कानून को बदलने के लिए ताकत की जरूरत है."

नवंबर 2000 में सुरक्षा बलों के हाथों 10 नागरिकों की मौत के बाद आफ्स्पा हटाने की मांग करते हुए इरोम ने भूख हड़ताल शुरू की थी. इन 16 सालों में शर्मिला इंफाल शहर के कोने पर स्थित कोंगपाल कोंगखम लेइकई में बने अपने घर एक बार भी नहीं गईं. इरोम अब भी आश्रम में ही रहेंगी.

एक-दूसरे से कुछ ही मीटर की दूरी पर रहने के बावजूद मां और बेटी इन सालों में एक ही बार मिली हैं. यह मुलाकात भी तब हो सकी थी, जब शर्मिला की मां को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शर्मिला को यहीं पर पुलिस हिरासत के तहत नाक में नली से जबरन भोजन दिया जा रहा था. सिंहजीत ने बताया कि वर्ष 2009 में उनकी मां अस्थमा अटैक के बाद कोमा में चली गई थीं.

उन्होंने कहा, 'शर्मिला को उनकी मौत का डर था इसलिए वह आधी रात को उसी अस्पताल में भर्ती अपनी मां के वॉर्ड में चली गईं, जब वह मां के चेहरे के करीब गईं तो मां को अचानक होश आ गया. मां ने कहा, जीतने के बाद मेरे पास आना. मैं उस क्षण का इंतजार कर रही हूं, जब तुम घर आओगी और मेरे लिए खाना बनाओगी.' 

First published: 10 August 2016, 18:11 IST
 
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