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पत्रकार की हत्या के तार शहाबुद्दीन से जुड़ते दिख रहे हैं

अभिषेक पराशर | Updated on: 15 May 2016, 8:54 IST
QUICK PILL
  • बिहार के सिवान जिले में हिंदुस्तान के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन की हत्या बीजेपी के मौजूदा सांसद ओम प्रकाश यादव के प्रेस सचिव श्रीकांत भारती की तर्ज पर की गई है.
  • शहाबुद्दीन की तरफ से जारी हिट लिस्ट में यादव के प्रेस सचिव श्रीकांत भारती, उनके बेटे समेत 23 लोगों के नाम थे. लिस्ट में शामिल श्रीकांत भारती और तेजाब हत्याकांड के मुख्य गवाह राजेश रौशन की दिन दहाड़े हत्या की जा चुकी है.

बिहार के सिवान जिले में हिंदी अखबार हिंदुस्तान के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन की सरेशाम हत्या के पीछे कथित तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पूर्व सांसद और माफिया डॉन शहाबुद्दीन की भूमिका सामने आ रही है. शहाबुद्दीन फिलहाल बहुचर्चित तेजाब कांड में जेल की सजा काट रहे हैं.

सिवान से बीजेपी के सांसद ओमप्रकाश यादव ने कैच से बातचीत में कहा कि रंजन की हत्या शहाबुद्दीन ने कराई है. शहाबुद्दीन जेल में हैं और उनके परिजनों से इस आरोप के संबंध में बात नहीं हो पाई है.

ओमप्रकाश यादव ने कहा, 'शहाबुद्दीन पिछले कुछ महीनों से राजदेव रंजन से नाराज थे. शहाबुद्दीन ने 23 लोगों की एक हिट लिस्ट निकाली थी, जिनकी हत्या करने की योजना थी. रंजन ने इसे लेकर कई खबरें लिखीं.'

दैनिक हिंदुस्तान, बिहार के एक वरिष्ठ पत्रकार भी इसकी पुष्टि करते हैं. उन्होंने बताया कि रंजन सिवान में ब्यूरो चीफ थे और उन्होंने शहाबुद्दीन को लेकर लगातार खबरें लिखीं. शहाबुद्दीन की 23 लोगों की हिटलिस्ट में ओमप्रकाश यादव के प्रेस सेक्रेटरी श्रीकांत भारती और तेजाब कांड के चश्मदीद रहे राजेश रौशन का भी नाम शामिल था. इन दोनों की हत्या हो चुकी है. 

नवंबर 2014 में श्रीकांत भारती की  दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी. वहीं तेजाब कांड के गवाह राजीव रौशन को 16 जून 2014 को सिवान के डीएवी मोड़ पर गोली मार दी गई थी.

यादव बताते हैं, 'श्रीकांत भारती की तर्ज पर ही हिंदुस्तान के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन की हत्या की गई. श्रीकांत भारती को भी करीब से गोली मारी गई थी और इसमें पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था.' उन्होंने कहा कि भारती की हत्या में शामिल सभी गुंडे भाड़े के थे और बाहर से बुलाए गए थे. उनमें से दो फिलहाल जमानत पर रिहा है जबकि मुख्य आरोपी चवन्नी सिंह फिलहाल जेल में बंद है.

हाल ही में चवन्नी सिंह को गोरखपुर जेल से सिवान जेल स्थानांतरित किया गया है. यादव ने कहा कि चवन्नी के सिवान जेल में आने के बाद हमने अपने बेटे और श्रीकांत भारती के बेटे को सतर्क रहने की सलाह दी है. 

यादव शहाबुद्दीन को भागलपुर जेल से सिवान जेल भेजे जाने के फैसले का विरोध कर चुके हैं. उनका कहना था कि शहाबुद्दीन के सिवान आने से कई लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ जाएगी.  

अपराध की खबरों को लेकर राजदेव रंजन पिछले कुछ महीनों से आरजेडी के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के निशाने पर थे

यादव बताते हैं, 'श्रीकांत भारती की हत्या के लिए शहाबुद्दीन ने उत्तरप्रदेश से भाड़े के गुंडों को बुलाया था. संभव है कि राजदेव की हत्या में भी बाहर के हत्यारे शामिल हों.'

2009 के चुनाव में जेडीयू के टिकट नहीं दिए जाने के बाद ओमप्रकाश यादव ने स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को बड़े अंतर से हराया था. बाद में यादव जनवरी 2014 में बीजेपी में शामिल हो गए.

सिवान के एक स्थानीय पत्रकार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, 'राजदेव की रिपोर्टिंग से शहाबुद्दीन को परेशानी हो रही थी.' 

राजदेव क्राइम रिपोर्टर थे और सिवान में अपराध से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से छापा करते थे. जाहिर है सिवान में अपराध के सूत्र कहीं न कहीं शहाबुद्दीन से जुड़ते हैं.'  

पप्पू यादव के जेल में शहाबुद्दीन से मुलाकात के अगले दिन राजदेव ने खबर लिखी-‘शहाबुद्दीन से मिल सिवान में चुनावी जमीन तलाश रहे पप्पू यादव'. जानकार बताते हैं कि इस खबर से शहाबुद्दीन चिढ़ गया था क्योंकि मुलाकात के बाद पप्पू यादव ने जो बयान दिया वह शहाबुद्दीन के खिलाफ जा रहा था.

पत्रकार ने बताया कि मुलाकात के बाद पप्यू यादव ने कहा कि शहाबुद्दीन लालू यादव के कारण जेल में फंसे हुए हैं. राजदेव की पूरी खबर से यह संकेत गया कि पप्पू यादव असल में शहाबुद्दीन को लालू के खिलाफ भड़काने गए थे. यह बात शहाबुद्दीन को नागवार गुजरी.

सिवान में शहाबुद्दीन और बीजेपी के मौजूदा सांसद ओमप्रकाश यादव के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है. यादव के हाथों हिना शहाब की हार के बाद बिगड़ी स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहाबुद्दीन ने जिन 23 लोगों की हिट लिस्ट जारी की थी उनमें यादव के बेटे चंद्रविजय प्रकाश यादव का भी नाम था.

श्रीकांत भारती औैर राजेश रौशन की हत्या के बाद सरकार ने लिस्ट में शामिल बाकी लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई.

हत्यारों की पहचान नहीं

सिवान पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार शाह ने कैच को बताया कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में जिन दो लोगों को हिरासत में लिया वह कुख्यात अपराधी है और इनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में चार्जशीट दाखिल है. हालांकि पुलिस अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं लगा पाई है.

सिवान पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने बताया, 'जिन दो लोगों को इस मामले में हिरासत में लिया गया है वह शहाबुद्दीन के लिए काम करते रहे हैं.' पुलिस हत्याकांड में शहाबुद्दीन से तार जुड़े होने को लेकर जांच कर रही है.

अधिकारी ने कहा, 'हालांकि इस मामले में दर्ज एफआईआर में शहाबुद्दीन का नाम नहीं है लेकिन जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है. पुलिस फिलहाल कॉल डिटेल्स खंगालने में जुटी है.'

निशाने पर थे राजदेव

राजदेव के साथ काम कर चुके पत्रकारों का कहना है कि उन्हें पहले भी लगातार धमकियां मिलती रही है. एक बार तो उन्हें कुछ गुंडों से पिटवाया भी गया था.

एसपी शाह ने कहा, 'पुलिस को इस बात की जानकारी मिली है कि उन्हें पहले भी धमकी मिलती रही है लेकिन इस बारे में कहीं कोई एफआईआर दर्ज नहीं है.'

शहाबुद्दीन की हिट लिस्ट में शामिल श्रीकांत भारती और तेजाब कांड के गवाह राजेश रौशन की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी

शाह ने कहा कि अभी तक रंजन के परिवार वालों से बात नहीं हो पाई है. उनके परिवार से बातचीत के बाद जांच को दिशा देने में मदद मिलेगी. 

पुलिस का कहना है कि उन्हें कुछ सीसीटीवी के फुटेज भी मिले है़ं, जिसकी जांच की जा रही है. सरेशाम हत्या होने के बावजूद अभी तक कोई चश्मदीद इस मामले में गवाही के लिए हमारे सामने नहीं आया है.

तो क्या शहाबुद्दीन के खौफ की वजह से गवाह आगे नहीं आ रहे हैं? शाह बताते हैं, 'आम तौर पर इस तरह के मामले में कोई गवाही के लिए आगे आने से हिचकता है. सिवान में शहाबुद्दीन भी निश्चित तौर पर एक कारण है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.'

शाह ने कहा कि पुलिस ने कुछ गवाहों की पहचान की है और हम उनसे बात करने की कोशिश कर रहे हैं.

खबरों से परेशान था शहाबुद्दीन

सिवान के एक अन्य पत्रकार ने अपना नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर बताया कि पिछले विधान परिषद के चुनाव को लेकर राजदेव ने मौजूदा सांसद (ओम प्रकाश यादव) बनाम पूर्व सांसद (शहाबुद्दीन) की प्रतिष्ठा की लड़ाई के नाम से खबर लिखी थी. इस चुनाव में सारण प्रमंडल में तीनों सीटों पर आरजेडी की हार हुई थी.

पत्रकार ने कहा, 'शहाबुद्दीन को यह तुलना नागवार गुजरी. उन्हें लगा कि बाहर मेरी कमजोर होती हैसियत का मजाक उड़ाया जा रहा है.'

हत्या के कुछ घंटों पहले ही राजदेव की सांसद ओमप्रकाश यादव से बातचीत हुई थी. राजदेव के बारे में अपने पुराने अनुभवों को लेकर यादव बताते हैं, 'उन्होंने कई बार हमारे खिलाफ भी लिखा. लेकिन यह उनका काम था और हमने उसे उसी तरह से लिया.'

राजदेव पर इससे पहले भी एक बार हमला हो चुका था, लेकिन उन्होंने पुलिस को कभी इस बारे में सूचना नहीं दी. 

पत्रकार ने कहा, 'राजदेव मामले को तूल नहीं देना चाहते थे. इसलिए उन्होंने मारपीट और धमकी की खबर को पत्रकारिता के पेशे के दौरान होने वाली स्वाभाविक कठिनाइयों के तौर पर ही लिया.'

यादव ने कहा कि शहाबुद्दीन की खौफ की वजह से कोई उनका नाम नहीं ले रहा है. उन्होंने कहा, 'नई सरकार में आरजेडी मजबूत स्थिति में है और शहाबुद्दीन लालू प्रसाद के बेहद करीबी नेताओं में से है.'  हाल ही में लालू यादव ने शहाबुद्दीन को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद में शामिल किया है.

सिवान में माफियाराज

बिहार का सिवान जिला लालू प्रसाद का गढ़ माना जाता रहा है. 1997 में सिवान में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चंद्रशेखर की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी.

एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान अपराधियों ने चंद्रशेखर पर हमला किया था. इस हमले में चंद्रशेखर के साथ उनके सहयोगी श्यामनारायण यादव और भुट्टी मियां भी मारे गए थे.

सिवान में इससे पहले जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चंद्रशेखर की हत्या कर दी गई थी

चंद्रशेखर की हत्या में शहाबुद्दीन का नाम आया था. बाद में उनका नाम बहुचर्चित तेजाब हत्याकांड में आया और उन्हें इस मामले में उम्रकैद की सजा हुई.

शहाबुद्दीन के बदले दिन के संकेत उसी वक्त मिल गए थे जब सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अब्दुल गफूर ने कैदी से मिलने के लिए तय किए गए नियमों को ताक पर रखते हुए जेल में उनसे मुलाकात की थी.

जेल के अंदर मौजूदा शहाबुद्दीन के समर्थक ने उस मुलाकात की फोटो खींचकर फेसबुक पर डाल दी थी, जिसके बाद हंगामा हो गया था. तब लालू प्रसाद यादव ने अपने मंत्री का बचाव करते हुए कहा, 'जेल में किसी से मिलना अपराध नहीं है.'

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First published: 15 May 2016, 8:54 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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