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इशरत मामले में बीजेपी-कांग्रेस के बीच क्यों छिड़ी है जंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

इशरत जहां मामले पर गृह मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी रहे आरवीएस मणि ने एक अंग्रेजी अखबार को दिये अपने इंटरव्यू में आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले में वरिष्ठ आईबी अधिकारियों को फंसाने के लिए दबाव बनाया गया था, ताकि इशरत और अन्य तीन लश्कर आतंकवादियों के साथ साल 2004 में अहमदाबाद में हुई मुठभेड़ फर्जी घोषित किया जा सके.

मणि के मुताबिक बात नहीं मानने पर एसआईटी के एक अधिकारी ने उनकी पेंट को सिगरेट से दाग दिया था. मणि ने ही इशरत जहां मामले में सुप्रीम कोर्ट में दो हलफनामें दायर किए थे.

वहीं दूसरी तरफ आज राज्यसभा में इशरत जहां के मामले में बीजेपी के भूपेंद्र यादव सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आए. यह प्रस्ताव इशरत केस में मणि के नये खुलासे के बाद दिया गया.

इस मामले में बागपत से बीजेपी के सांसद और उस समय मुंबई के ज्वाइंट कमिश्नर रहे सत्यपाल सिंह ने बताया कि हेडली ने पूछताछ में साफ बताया था कि इशरत लश्कर की आतंकी है. जब मैंने एनआईए और भारत सरकार से इस स्टेटमेंट को मांगा तो गृहमंत्रालय की ओर से साफ किया गया कि अमेरिका से करार है, हेडली का बयान किसी को नहीं देना है.

भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं पर गुजरात के वर्तमान प्रधानमंत्री और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 'फंसाने' की मंशा से इशरत जहां मुठभेड़ को 'फर्जी' बताने का आरोप लगा रही है. भाजपा ने मांग की कि इस मामले में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम सहित कांग्रेस के अन्य दूसरे नेताओं की भूमिका की जांच भी होनी चाहिए.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इशरत के कथित फर्जी मुठभेड़ की सीबीआई जांच पर भी सवाल उठाए हैं. प्रसाद ने यूपीए सरकार के द्वारा पूरी सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया.

रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'गृह सचिव के बयान से काफी संदेहजनक परिस्थितियां पैदा हो गई हैं. तत्कालीन अवर सचिव ने भी इसकी पुष्टि की है कि उनको दरकिनार करके चिदंबरम ने इस मामले के पूरे स्वरूप को ही बदल दिया था.' केंद्रीय मंत्री प्रसाद ने कहा कि, 'मोदी और अमित शाह के खिलाफ लगातार मुहिम चलाई गई, जिससे उन्हें इस मामले में फंसाया जा सके. इसमें सरकारी मशीनरी के गलत इस्तेमाल होने का पूरा अंदेशा बना हुआ है. इसलिए भाजपा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती है'.

वहीं बीजेपी के इन हमलों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि, 'मोदी सरकार हमें लगातार गलत मामलों में फंसाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस पार्टी चिदंबरम के साथ खड़ी है. उन्होंने इशरत जहां के मामले में हमसे पहले ही कहा था कि हम पर इसलिए निशाना साधा जा रहा है, क्योंकि हम उस समय सत्ता में थे.'

First published: 2 March 2016, 1:28 IST
 
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