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इशरत केस: गायब फाइलों पर मुख्य जांच अधिकारी ने गवाह को दी पूछताछ की ट्रेनिंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2016, 13:26 IST
(फाइल फोटो)

इशरत जहां एनकाउंटर केस में गायब पेपर्स के मामले में अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. जिसके बाद गृह मंत्रालय के जांचकर्ता अधिकारी बीके प्रसाद सवालों के घेरे में हैं.

गायब कागजातों की जांच का नेतृत्‍व करने वाले केन्‍द्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी बीके प्रसाद ने न सिर्फ एक गवाह को पूछे जाने वाले सवाल बताए, बल्कि यह भी बताया कि उसे जवाब क्‍या देना है और उसने कोई कागजात नहीं देखे. 

कठघरे में गायब दस्तावेज की जांच

जांच का नेतृत्‍व कर रहे अधिकारी की यह कोचिंग लोकसभा में 10 मार्च को केन्‍द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा घोषित की गई जांच पर सवाल खड़े करती है.

जांच का मकसद यू‍पीए सरकार के दूसरे एफिडेविट- जिसमें इशरत के लश्‍कर से कथित संबंध और 15 जून, 2015 को उसकी हत्‍या की सीबीआई से जांच की इजाजत दी गई थी, की परिस्थितियों का पता लगाना था.

बीके प्रसाद ने अपनी रिपोर्ट गुरुवार को सौंप दी, जिसमें गायब कागजात पर कोई निष्‍कर्ष नहीं निकला है.  

इंडियन एक्सप्रेस का खुलासा

25 अप्रैल को दोपहर करीब 3.45 बजे अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्‍सप्रेस ने वर्तमान एडिशनल सेक्रेट्री (विदेशी) बीके प्रसाद को फोन किया था. उनसे पूछा गया था कि सरकार ने चीनी मूल के डोलकुल इसा को वीजा देने से क्‍यों मना कर दिया.

बातचीत को साफ तौर पर लिखने के लिए यह कॉल रिकॉर्ड की गई थी. बातचीत के दौरान बीके प्रसाद ने इंडियन एक्‍सप्रेस का फोन होल्‍ड पर रखा और दूसरे फोन पर इशरत जहां एनकाउंटर केस के गायब दस्तावेजों की जांच पर बात कर रहे थे. यह बातचीत भी अंग्रेजी अखबार ने रिकॉर्ड की थी. 

अशोक कुमार को सवाल-जवाब की ट्रेनिंग

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्‍सप्रेस ने पुष्टि की है कि बीके प्रसाद ने वाणिज्‍य मंत्रालय के अशोक कुमार, ज्‍वाइंट सेक्रेटरी (संसद, हिन्‍दी विभाग और कोर्ट केस की मॉनि‍टरिंग के नोडल अफसर) से बात की थी.

प्रसाद ने बातचीत के दौरान अशोक कुमार को बताया कि इशरत जहां के गायब पेपर्स की जांच में उन्‍हें उन सभी अफसरों से एक सवाल पूछना होगा: "आपने ये पेपर देखा?"

'कहना है मैंने पेपर नहीं देखा'

बीके प्रसाद ने आगे अशोक कुमार को बताया, "आपको कहना है कि मैंने ये पेपर नहीं देखा…सीधी सी बात है."बीके प्रसाद ने यह भी बताया, "कुछ और जवाब देने से इस बात का शक पैदा होगा कि अधिकारी ने पेपर गायब करने में कोई भूमिका निभाई है.

आपको इतना तो कहना होगा कि वह फाइल ही मैंने कभी जिंदगी में डील नहीं की, फाइल का देखने का कभी मौका ही नहीं मिला."

बीके प्रसाद ने अशोक कुमार से यह भी कहा, "और दूसरा सवाल होगा, क्‍या किसी ने आपको यह दस्‍तावेज अलग से रखने को दिए? आप बोलोगे, नहीं, मेरे को किसी ने नहीं दिया."

केंद्र सरकार पर चिदंबरम का वार

वहीं इस मामले में अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे के बाद पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं.

चिदंबरम ने गुरुवार को मोदी सरकार पर इशरत जहां मामले में दायर दो हलफनामों को लेकर फर्जी विवाद पैदा करने और लापता फाइलों की रिपोर्ट से छेड़छाड़ करके तैयार करने का आरोप लगाया.

चिदंबरम ने कहा है कि इस मामले में अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट से साफ है कि उनके द्वारा दो एफिडेविट पर लिया गया रुख पूरी तरीके से न्यायसंगत था.

'एफिडेविट पर फर्जी विवाद उजागर'

चिदंबरम ने कहा कि समाचार रिपोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार की ओर से दायर दो हलफनामों पर राजग सरकार द्वारा पैदा किए गए फर्जी विवाद को व्यापक रूप से उजागर कर दिया है.साथ ही चिदंबरम ने कहा, "इस कहानी से यह सीख मिलती है कि छेड़छाड़ करके तैयार की गई (जांच अधिकारी की) रिपोर्ट भी सच नहीं छुपा सकती.

असल मुद्दा यह है कि क्या इशरत जहां और तीन अन्य लोग वास्तविक मुठभेड़ में मारे गए थे या उनकी मौत फर्जी मुठभेड़ में हुई थी. मामले की जुलाई 2013 से लंबित सुनवाई ही सच को सामने लेकर आएगी."

गृह मंत्रालय मे अतिरिक्त सचिव बी के प्रसाद के नेतृत्व में एक सदस्यीय जांच समिति ने बुधवार को जमा की गई अपनी रिपोर्ट में कहा था कि गुम हुए पांच दस्तावेजों में से चार दस्तावेज अब भी नहीं मिले हैं.

बीके प्रसाद की सफाई

सूत्रों का कहना है कि अब इस मामले पर केंद्र सरकार सीबीआई जांच के आदेश दे सकती है. अतिरिक्त सचिव बीके प्रसाद की अगुवाई में हुई जांच की 52 पेज की रिपोर्ट, केंद्रीय गृह सचिव के सामने पेश कर दी गई है. 

वहीं अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट पर अतिरिक्त सचिव बीके प्रसाद ने सफाई देते हुए कहा है कि मेरी कथित बातचीत के बारे में कोई ऐसा तथ्य नहीं पेश किया गया है, जिससे सिद्ध होता हो कि अशोक कुमार को गवाही के लिए कोई कोचिंग दी गई है.

बीके प्रसाद ने साथ ही कहा कि उन्होंने मामले में ईमानदारी से जांच की है और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह बात साफ हो जाएगी.

First published: 16 June 2016, 13:26 IST
 
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