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इशरत जहां एनकाउंटर केस: CBI कोर्ट ने गुजरात के पूर्व डीजीपी पीपी पांडे को किया बरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 February 2018, 16:35 IST

गुजरात के पूर्व डीजीपी पीपी पांडे को बुधवार को सीबीआई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. साल 2004 में हुए इशरत जहां एनकाउंटर केस में सीबीआई की कोर्ट ने ये बड़ा फैसला सुनाया. इस मामले में पीपी पांडे को साल 2013 में गिरफ्तार किया गया था.

सीबीआई के स्पेशल कोर्ट के जज जे के पांड्या ने पीपी पांडे को बड़ी राहत दी है. इशरत जहां मामले में ये पहला केस जिसमें ट्रायल के दौरान किसी आरोपी को बरी किया गया है. 1980 बैच के आईपीएस पीपी पांडे को सीबीआई ने जुलाई 2013 में गिरफ्तार किया था. वो करीब 19 महीने तक जेल में रहे थे. उन्हें साल 2015 में फरवरी के महीने में बेल मिलने के बाद राज्य पुलिस में बहाली दी गई थी. वो पिछले साल रिटायर्ड हुए थे.

पीपी पांडे को रिटायर्ड आईपीएस डीजी वंजारा, आईपीएस ऑफिसर जीएल सिंघल, डीएसपी रिटायर्ड एनके अमीन, डीएसपी पुलिस रिटायर्ड तरूण भनोट और दो पुलिस वालों को सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोपी बताया था. सीबीआई की चार्जशीट में इन पर 19 साल की मुंबई की रहने वाली इशरत जहां के किडनेपिंग,मर्डर और साजिश का आरोप था. 

सीबीआई ने पांडे को बरी करने पर विरोध जताया. उन्होंने कहा कि पीपी पांडे को चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार साजिश में शामिल होने का आरोपी बताया. सीबीआई ने आरोप लगाया कि पीपी पांडे दो बार कस्टडी में जावेद शेख और इशरत जहां से मिले थे.

इशरत जहां एनकाउंटर

19 साल की इशरत जहां और तीन लोगों को साल 2004 में गुजरात पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था. गुजरात पुलिस का ने दावा किया था कि मारे गए लोग आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी थे और वो तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करना चाहते थे. 

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First published: 21 February 2018, 16:19 IST
 
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