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इशरत जहां एनकाउंटर केस: CBI अदालत ने ख़ारिज की डीजी वंजारा की आरोपमुक्त करने की अपील

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 August 2018, 15:13 IST

सीबीआई की विशेष अदालत ने इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा और एनके अमीन की डिस्‍चार्ज याचिक खारिज कर दी. पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. पुलिस के सेवानिवृत्त अधीक्षक एनके अमीन इस मामले में सह आरोपी हैं.

दोनों ने अपने तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्त महानिदेशक पी पी पांडे के बाद डिस्चार्ज याचिका दायर की थी. अदालत ने पांडे के साथ समानता के आधार पर वंजारा और अमीन को डिस्चार्ज करने से इंकार कर दिया. अदालत ने कहा कि इन दो आरोपियों की भूमिका सेवानिवृत्त डीजीपी की तुलना में अधिक है.

अदालत ने सीबीआई से पूछा कि क्या वह इन दो पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी लेना चाहती थी या नहीं. अदालत ने कहा कि अगर सीबीआई को आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 197 के तहत मंजूरी नहीं मिल सकती है. सरकारी कर्मचारी पर मुकदमा चलाने के लिए जरूरी है इसे अदालत को सूचित करना चाहिए. सीबीआई ने इस में राज्य सरकार की मंजूरी नहीं मांगी है.

 

हालांकि एजेंसी ने चार आरोपी आईबी अधिकारियों के मामले में गृह मंत्रालय से अनुमति मांगी थी, जो नहीं दी गई. खुफिया ब्यूरो के चार आरोपी अधिकारी हैं जिन्हें 2014 में आरोपपत्र भी दिया गया था जिसमें पूर्व विशेष निदेशक राजिंदर कुमार शामिल थे. अपने डिस्चार्ज आवेदन में वंजारा ने दावा किया था कि सीबीआई की चार्जशीट राजनीतिक रूप से प्रेरित है.

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में अप्रैल 2007 में वंजारा को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद इशरत जहां एनकाउंटर मामले में भी उन्हें गिरफ्तार किया गया. स्पेशल सीबीआई कोर्ट से इशरत जहां और सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में जमानत पर रिहा हुए वंजारा को गुजरात में प्रवेश की अनुमति मिल गई है.

ये थे आरोप

मामले की जांच करने वाली सीबीआई के मुताबिक, शेख तथा उसकी पत्नी कौसर बी को गुजरात एटीएस की टीम ने कथित तौर पर तब पकड़ा था, जब वे बस से आंध्र प्रदेश के हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जा रहे थे.

शेख को गांधीनगर के निकट मुठभेड़ में मार गिराया गया था, जबकि उसकी पत्नी को कुछ दिनों बाद मारा गया था. शेख को वैश्विक आतंकवादी संगठन से जुड़ा बताया गया और कहा गया कि वह 'हमले की साजिश' कर रहा था.

जेल से रिहा होने के बाद वंजारा ने गुजरात कि धरती पर पैर नहीं रखा था और महाराष्ट्र चले गए थे. उन्होंने कहा था, "मुझे इस बात की खुशी है कि इतने साल बाद मैं अपने घर आया हूं. मेरा जो स्वागत हो रहा है वो गुजरात पुलिस का है, ये हिंदुस्तान के देश भक्त का स्वागत है."

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First published: 7 August 2018, 15:13 IST
 
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