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Chandrayaan 2: अगले 14 दिन तक लैंडर विक्रम से संपर्क की कोशिश करेगा इसरो

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 September 2019, 9:11 IST

इसरो का भले ही लैंडर विक्रम से संपर्क टूट गया हो लेकिन इसरो ने अभी हार नहीं मानी है. इसरो अभी अगले 14 दिनों से लैंडर विक्रम से संपर्क बनाने की अपनी कोशिश जारी रखेगा. ये जानकारी इसरो प्रमुख के सिवन ने दी है. इसरो प्रमुख ने कहा कि एजेंसी अगले 14 दिनों तक लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश जारी रहेगी. उन्होंने बताया कि मिशन अपनी सौ प्रतिशत सफलता के बेहद नजदीक था. लेकिन आखिरी चरण सही तरह से नहीं हो पाया, उस फेज में हमारा लैंडर से संपर्क टूट गया और बाद संचार स्थापित नहीं हो सका.

उन्होंने कहा कि फिलहाल संचार टूट गया है लेकिन हम अगले 14 दिनों तक संपर्क साधने की कोशिश जारी रखेंगे. बता दें कि शनिवार तड़के चंद्रयान 2 मिशन के दौरान लैंडर विक्रम से उस वक्त इसरो का संपर्क टूट गया जब लैंडर विक्रम चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला था, लेकिन आखिरी चरण में लैंडर विक्रम ने चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर पहले ही इसरो को संदेश भेजना बंद कर दिया.

इसरो प्रमुख ने बताया कि मिशन 95 फीसदी सफल रहा है. ऑर्बिटर पूरी तरह ठीक है और उसमें 7.5 साल तक काम करने की क्षमता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गगनयान सहित इसरो के सभी मिशन निर्धारित समय पर पूरे होंगेके सिवन ने बताया कि, “विक्रम लैंडर ने अपनी 35 किलोमीटर की कक्षा से सतह से ठीक दो किलोमीटर नीचे उतरने में प्रक्षेपण का तय योजना के मुताबिक पालन किया.

इस बिंदु तक उसकी सभी प्रणालियां और तंत्र ठीक काम कर रहे थे और इससे लैंडर में इस्तेमाल वेरियेबल थ्रस्ट प्रोपल्शन तकनीक समेत कई नई तकनीकें साबित हुईं.” बता दें कि लैंडर ‘विक्रम’ अगर सॉफ्ट लैंडिंग में सफल हो जाता तो भारत चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने वाले देशों की सूची में चौथा देश होता. इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करा चुके हैं.

लैंडर विक्रम के इसरो से संपर्क टूटने के बाद इसरो के वैज्ञानिकों सहित देशवासी भारी निराशा में डूब गए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ना सिर्फ इसरो के वैज्ञानिकों की तारीफ की बल्कि उन्हें हिम्मत दी कि आपने बहुत अच्छा काम किया और वह हमेशा इसरो के साथ है. शनिवार को पीएम मोदी ने कहा कि चन्द्रयान-2 मिशन जल्दी ही अपने लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग की सभी बाधाओं को दूर कर लेगा. उन्होंने कहा कि मानव प्रगति को आगे बढ़ने के लिए भारत द्वारा अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में नवोन्मेष और अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर बल देना जारी रहेगा.

First published: 8 September 2019, 9:11 IST
 
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