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Chandrayaan 2 के बाद अंतरिक्ष में गगनयान भेजने की तैयारी में जुटा इसरो, अगले साल भेजी जाएगी पहली स्पेस फ्लाइट

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 September 2019, 10:11 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

Chandrayaan 2 के बाद अब भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गगनयान पर दिन रात काम कर रहा है. इस प्रोजेक्ट के तहत अगले साल दिसंबर में पहली और उसके बाद जुलाई 2021 में दूसरी बार मानवरहित स्पेस फ्लाइट अंतरिक्ष में भेजी जाएगी.

इसरो प्रमुख डॉ के. सिवन ने शनिवार को बताया कि इसके बाद तीसरी और आखिरी फ्लाइट दिसंबर 2021 में इंसान को लेकर अंतरिक्ष में रवाना होगी. जो अंतरिक्ष में भारत का पहला मानव मिशन होगा, जिसे स्वदेशी रॉकेट के द्वारा लॉन्च किया जाएगा.

सिवन ने बताया कि गगनयान भारत के लिए बेहद जरूरी प्रोजेक्ट है क्योंकि यह मिशन देश की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की क्षमता को बढ़ाएगा. इससे विज्ञान के क्षेत्र में देश की ताकत में इजाफा होगा. इससे पहले सिवन ने चंद्रयान-2 की जानकारी देते हुए कहा था कि हमारी अगली प्राथमिकता गगनयान मिशन है.

 

बता दें कि इससे पहले 6 सितंबर को भारतीय वायुसेना ने घोषणा की थी कि अंतरिक्ष में देश के पहले मानव मिशन ‘गगनयान’ के लिए पायलटों के चयन का पहला चरण पूरा कर लिया गया है. वायुसेना ने चुने हुए टेस्ट पायलटों का फिजिकल एक्सरसाइज टेस्ट, लैब इंवेस्टीगेशन्स, रेडियोलॉजिकल टेस्ट्स, क्लीनिकल टेस्ट्स और साइकॉलजी के स्तर पर मूल्यांकन किया गया.

गौरतलब है कि इसी साल मई में, वायुसेना ने इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के साथ गगनयान मिशन के लिए क्रू सिलेक्शन और ट्रेनिंग उपलब्ध कराने का समझौता किया था. इसके तहत, दिसंबर 2021 में गगनयान से तीन सदस्यीय वैज्ञानिकों का एक दल भेजा जाना है, जो कम से कम सात दिन अंतरिक्ष में गुजारेगा. इस यान को जीएसएलवी मार्क-3 से अंतरिक्ष में लॉन्च किया जाएगा.

आखिरी के तीन अंतरिक्ष यात्रियों का चयन वायुसेना और इसरो दोनों साथ मिलकर कर रहे हैं. इन चयनित टेस्ट पायलटों को प्रशिक्षण के लिए रूस भेजा जाएगा. इसके लिए इसरो ने रूस की अंतरिक्ष एजेंसी ग्लावकॉस्मोस के साथ इसी साल 2 जुलाई को एक समझौता किया था.

First published: 22 September 2019, 10:11 IST
 
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